जिहादी साजिश या सोची-समझी आतंकी चाल? फ्लाईदुबई मामले में विलेन को पायलट का नाम तक क्यों छिपा रहे देश?
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला हुआ और 174 यात्रियों से भरा विमान क्रैश कराने की कोशिश की गई. जिस ओमानी को-पायलट ने यह खूनी साजिश रची, उसका नाम, चेहरा और असली पहचान 33 घंटे बाद भी क्यों छिपाई जा रही है? क्या इसे मामूली विवाद बताकर किसी बड़े सच पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है? आइए जानते हैं...
फ्लाईदुबई के विमान में 30 हजार फीट ऊपर कॉकपिट के अंदर आखिर ऐसा क्या हुआ था कि भारतीय कैप्टन पर कुल्हाड़ी और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया? इजरायल इसे 9/11 जैसी आतंकी साजिश बता रहा है, लेकिन सऊदी अरब, यूएई और ओमान हमलावर पायलट की पहचान को लेकर पूरी तरह खामोश क्यों हैं? 174 बेकसूरों की जान दांव पर लगाने वाले इस विलेन को लेकर इतना बड़ा सन्नाटा आखिर किसके इशारे पर है?
हमारी कोशिश है कि अगर कोई गुनहगार है तो उसे सजा होनी चाहिए. वो बचना नहीं चाहिए. अब हम, एक 'खलनायक' पायलट को बचाने वाली विदेशी मानसिकता का डीएनए टेस्ट करेंगे. कल हमने आपको 9/11 जैसी आतंकी साजिश को टालने वाले नायक यानी फ्लाईदुबई के भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में बताया था. अपनी जान की परवाह किए बगैर प्लेन क्रैश की साजिश को विफल करने वाले कैप्टन मच्छार भारत और इजरायल के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के नायक बन गए हैं, लेकिन आज हम पहले इस पूरी घटना के खलनायक की बात करेंगे, जिसका नाम भी अब तक दुनिया को नहीं बताया गया है, जिसकी तस्वीर भी दुनिया के सामने नहीं आई है.
सोचिए... फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में मौजूद एक पायलट की पूरी कुंडली दुनिया के सामने है. दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से आम आदमी तक सबको प्लेन को हाईजैक और क्रैश से बचाने वाले कैप्टन मच्छार के बारे में छोटी-बड़ी बातें सबको पता हैं. लेकिन जिस पायलट ने कैप्टन मच्छार को जान से मारने की कोशिश की, जो प्लेन को क्रैश कर रहा था, जो 170 से ज्यादा लोगों की जान लेना चाहता था.. उसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं. जिसे इजरायल ने जिहादी आतंकी कहा.. उसकी पहचान छिपाने की कोशिश क्यों हो रही है? कौन-कौन से देश उसकी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं और पायलट की पहचान को जाहिर नहीं करने की असली वजह क्या है?
सबसे पहले आपको समझना चाहिए अब तक प्लेन को हाईजैक करने की कोशिश करने वाले पायलट के बारे में कौन-कौन सी जानकारी किस स्रोत से मिली है.
हमलावर पायलट को लेकर अब तक क्या जानकारी सामने आई?
हमलावर सह-पायलट के बारे में कल जानकारी सामने आई थी कि वो ओमान का नागरिक है. ये जानकारी इजरायल की तरफ से दी गई थी. घटना के तुरंत बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर उतारा गया, जहां पर सऊदी सुरक्षा बलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल भारतीय कैप्टन पर हमला करने वाला ओमानी पायलट सऊदी सुरक्षाबलों की हिरासत में है.
इजरायल के अखबार 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' ने इस पायलट के साथी पायलट के इंटरव्यू का दावा किया है, जिसने हमलावर पायलट को एक धार्मिक कट्टरपंथी बताया है. ओमान के पायलट ने 8 महीने पहले फ्लाईदुबई को जॉइन किया था. 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के मुताबिक वह पूरे दिन बहुत ज्यादा नमाज पढ़ता था और महिलाओं से कभी हाथ नहीं मिलाता था. इसके अलावा हमलावर के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई है.
पहचान छिपाने के लिए भ्रामक जानकारियों का खेल
घटना के तुरंत बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ओमान के पायलट की दोहरी नागरिकता की बात भी सामने आई. पायलट के अलग-अलग देशों जैसे रूस, यूक्रेन और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े होने की खबरें दी गईं. जिससे यह साफ होता है कि या तो उसकी पहचान को लेकर भ्रामक जानकारियां फैलाई गईं या फिर जानबूझकर उसकी सही पृष्ठभूमि को कुछ समय के लिए होल्ड पर रखा गया. सच्चाई ये है, अभी तक आधिकारिक तौर पर उसका पूरा नाम, उसकी उम्र या उसके पर्सनल रिकॉर्ड मीडिया में साझा नहीं किए गए हैं.
33 घंटे बाद भी पहचान पर 'मरघट' जैसा सन्नाटा
ये हाल तब है.. जब प्लेन क्रैश की कोशिश करने वाले पायलट को गिरफ्तार किए हुए लगभग 33 घंटे बीत चुके हैं. फिर भी उसके बारे में कोई जानकारी बाहर नहीं आ रही. सोचिए कितना बड़ा तंत्र है, जो इस आदमी की पहचान को छिपाने की कोशिश कर रहा है. इस वक्त दुनिया को भारतीय पायलट स्मित मच्छार के घर, माता-पिता, पत्नी, बच्चों, उनकी पहली कंपनी, उनके फ्लाइंग अनुभव, उनके स्वभाव, यहां तक कि उनके विचारों के बारे में भी पता है. लेकिन हमलावर पायलट को लेकर मरघट जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है. कोई उसके बारे में कुछ बताना ही नहीं चाहता.
आज आपको समझना चाहिए इस घटना के खलनायक की कौन-कौन सी जानकारी किस-किस देश और स्रोत से मिल सकती है और क्यों ये देश इन जानकारियों को दबाकर बैठे हैं?
सऊदी अरब के पास मौजूद हैं सबसे पुख्ता सबूत!
सऊदी अरब... जहां विमान उतरा और हमलावर हिरासत में है, उसके पास इस समय हमलावर से जुड़े सबसे ठोस और प्रत्यक्ष दस्तावेज मौजूद होंगे. सऊदी अरब हमलावर की व्यक्तिगत पहचान यानी उसका असली नाम और पासपोर्ट विवरण की जानकारी दे सकता है, क्योंकि ये सऊदी के कब्जे में होंगे. इसके अलावा हमला करने वाला पायलट कहां का रहने वाला है, उसकी नागरिकता से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज भी सऊदी दुनिया को दिखा सकता है. सऊदी अस्पताल में उसकी मेडिकल और साइकोलॉजिकल जांच रिपोर्ट भी होगी, जिससे साफ हो जाएगा कि उसने जानबूझकर साजिश के तहत क्रैश की कोशिश की या किसी मानसिक विकार में यह कदम उठाया. उसके पास से जो हथियार बरामद हुआ, उसकी फॉरेंसिक जांच और फिंगरप्रिंट्स की डिटेल भी सऊदी दुनिया से साझा कर सकता है.
पूछताछ में सामने आ चुकी होगी हमले की असली वजह
हिरासत में हुई पूछताछ के बाद सबसे महत्वपूर्ण जानकारी जो सऊदी दे सकता है... वो है... हमले की वजह. पूछताछ के बाद सऊदी अरब को पता चल चुका होगा कि क्या हमलावर पायलट किसी आतंकी संगठन से प्रेरित था या इस घटना के पीछे उसका कोई व्यक्तिगत मकसद था. लेकिन अब तक सऊदी ने दुनिया को कुछ भी नहीं बताया है. सऊदी अरब के अलावा यूएई और फ्लाईदुबई एयरलाइंस भी पायलट से जुड़ी कई जानकारियां दे सकते हैं, क्योंकि फ्लाइट यहीं से उड़ी थी.
यूएई और फ्लाईदुबई के पास छिपा है पूरा बैकग्राउंड
यूएई बता सकता है... ओमानी पायलट ने फ्लाईदुबई कब जॉइन किया, उसकी पिछली एयरलाइन, फ्लाइंग हिस्ट्री और भर्ती की प्रक्रिया क्या थी? उसकी बैकग्राउंड और सिक्योरिटी क्लीयरेंस में क्या-क्या जांच हुई थी? जिस हथियार से कैप्टन मच्छार पर हमला हुआ वो कॉकपिट तक कैसे पहुंचा? इसकी जांच के लिए एयरपोर्ट की सुरक्षा और स्क्रीनिंग प्रक्रिया भी देखी जा सकती है. एयरलाइंस बता सकती है कि भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के साथ उसी को-पायलट की कॉकपिट ड्यूटी कैसे तय हुई और क्या दोनों के बीच पहले कोई विवाद या तनाव था? जबकि हमला करने वाले पायलट का गृह देश ओमान उसके मूल निवास और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से जुड़ी गोपनीय जानकारियां दे सकता है, लेकिन अब तक किसी भी देश ने कोई जानकारी नहीं दी है, जबकि ऐसी जानकारी सिर्फ 5 मिनट में बाहर आ सकती है. अगर ये देश चाहते तो 9/11 जैसी साजिश रचने वाले खलनायक की पूरी कुंडली दुनिया के सामने होती. फिलहाल... यूएई की तरफ से इस पूरी घटना पर एक बयान जारी किया गया है. आज आपको उसके बारे में भी जानना चाहिए.
यूएई ने घटना की पूरी सच्चाई और कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम बना दी है. ये टीम जांच करेगी... क्या इस घटना का किसी आतंकवादी गतिविधि या मंशा से संबंध था? क्या इसके पीछे कोई पूर्व-नियोजित साजिश थी? क्या किसी व्यक्ति या बाहरी संगठन द्वारा इस पायलट को कोई निर्देश या आदेश दिया गया था?
यूएई के आधिकारिक बयान में कहा गया है... यह कार्रवाई फ्लाईदुबई की उस घोषणा के बाद हुई, जिसमें बताया गया था कि विमान के कॉकपिट में विवाद हुआ है. जिसके बाद विमान में यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और विमान को सुरक्षित अपने नियंत्रण में लिया.
आतंकी साजिश को 'कॉकपिट विवाद' बताने की कोशिश?
इस पूरे बयान में किसी आतंकी साजिश, प्लेन को क्रैश कराने की कोशिश का जिक्र नहीं है. ना ही ओमानी पायलट के बारे में जानकारी दी गई है. बस जांच की बात कही गई है. अक्सर ऐसी जांच में वही निकलकर सामने आता है जो संबंधित पक्ष के एजेंडे को सूट करता है.
इजरायल की प्रत्यर्पण की मांग और मोसाद की खामोशी
जिस व्यक्ति ने विमान के मुख्य पायलट को लगभग मार दिया... जो विमान का कंट्रोल खराब कर रहा था, विमान को क्रैश करा रहा था, जिसे बहुत मुश्किल से ऐसा करने से जांबाज भारतीय पायलट और फ्लाइट में सवार इजरायली यात्रियों ने रोका, उसके बारे में पहले जांच की जाएगी. उसके बाद सऊदी, यूएई और ओमान जैसे देश इस व्यक्ति की मंशा साफ कर पाएंगे, तब तक इस व्यक्ति की पहचान पर सब खामोश हैं. क्यों, इसका जवाब कोई नहीं दे रहा.
हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया है कि आरोपी को यूएई लाया जा सकता है और इजरायल भी इस जांच में शामिल होगा. इसके अलावा इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने संदिग्ध को इजरायल प्रत्यर्पित करने और वहां उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि विमान को दुर्घटनाग्रस्त कर इजरायलियों की जान लेने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को इजरायल लाया जाना चाहिए. कुछ लोगों का मानना है कि इजरायल जांच में शामिल हुआ तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है. लेकिन यहां इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर भी सवाल उठते हैं, क्योंकि मोसाद के बारे में कहा जाता है कि उसको मिडिल ईस्ट में हुई किसी भी घटना के बारे में सबसे पहले पता चल जाता है. लेकिन मोसाद ने भी अब तक को-पायलट का नाम नहीं बताया. उसकी कोई तस्वीर जारी नहीं हुई... जबकि फ्लाइट में मौजूद लोगों ने उसका चेहरा देखा, उसकी तस्वीरें भी लीं. इसके बावजूद कोई ओमान के नागरिक के बारे में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं.
इंटरनेशनल मीडिया का दोहरा रवैया
आज आपको इस खबर पर इंटरनेशनल मीडिया की कवरेज के बारे में भी जानना चाहिए. ऐसी खबरों के बाद अक्सर इंटरनेशनल मीडिया आरोपियों के नाम और धर्म का खुलासा करने में लग जाता है. अलग-अलग एंगल से उसके वीडियो दिखाए जाते हैं. थोड़ी-थोड़ी देर में नए-नए वीडियो सामने आते हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है... हर जगह अंदरूनी सोर्स रखने वाले बड़े मीडिया हाउस इस मामले में आरोपी का नाम तक नहीं बता पा रहे हैं.. उसकी एक तस्वीर तक नहीं दिखा पा रहे हैं, वीडियो तो दूर की बात है.
बीबीसी ने इस हमले में घायल हुए भारतीय पायलट के बारे में अपनी रिपोर्ट में एक-एक बात बता दी, लेकिन ये नहीं बताया कि हमला करने वाले पायलट का नाम क्या था? वो किस धर्म का था? पश्चिमी मीडिया ये सवाल तक नहीं उठा रहा कि हमलावर का नाम क्यों छिपाया जा रहा है?
वाशिंगटन पोस्ट के पास भी हमलावर की कोई खबर नहीं
यही हाल वाशिंगटन पोस्ट का है.. वाशिंगटन पोस्ट ने भी भारतीय पायलट स्मित मच्छार के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी दे दी. लेकिन जिस पायलट ने उनको जान से मारने की कोशिश की, 174 लोगों की जान दांव पर लगा दी.. उसके बारे में वाशिंगटन पोस्ट के पास भी कोई जानकारी नहीं है. मित्रों.. ये वो अखबार है जिसके सोर्स बता देते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप आगे क्या करने वाले हैं, लेकिन एक एयरलाइंस में काम करने वाले पायलट के बारे में इन्हें भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
अगर प्लेन क्रैश हो जाता तो कैसी होती रिपोर्टिंग?
सोचिए अगर इस हमले के दौरान भारतीय पायलट ने हिम्मत नहीं दिखाई होती... घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता... 174 यात्रियों वाला ये विमान क्रैश हो गया होता तो इस घटना की रिपोर्टिंग कैसी होती? बहुत मुमकिन है, तब प्लेन को उड़ा रहे भारतीय पायलट की काबिलियत पर सवाल उठते. हो सकता है उसको डिप्रेशन का शिकार भी बता दिया जाता. तब ओमानी पायलट का नाम भी सामने आ जाता, जिसे अब तक रहस्य के परदे में रखा जा रहा है.
इजरायल ने माना 9/11 जैसी आतंकी साजिश
अब तक भले ही ओमान के पायलट का नाम, तस्वीर और बैकग्राउंड को छिपाया जा रहा हो... लेकिन जो बात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सारी दुनिया के सामने कही है.. वो ये है कि भारतीय पायलट ने दुनिया में एक और 9/11 होने से रोक दिया. यानी पूरे मामले से जुड़े हुए मिडिल ईस्ट के मुस्लिम देश भले ही जांच की बात करें.. इजरायल इस घटना को आतंकी घटना ही मान रहा है. इजरायल के मंत्री भी इसे जिहादी आतंक कह चुके हैं.. लेकिन ये साजिश सिर्फ 9/11 तक सीमित नहीं दिख रही. इसमें सिर तन से जुदा का एंगल भी सामने आ रहा है.
चाकू के बाद अब कॉकपिट की क्रैश एक्स से हमले का खुलासा
कल खबर आई थी कि भारतीय पायलट पर ओमानी पायलट ने चाकू से हमला किया है. अब तक इस चाकू की कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है, ना ही जांच करने वाले देशों ने इस बारे में कोई जानकारी दी है. लेकिन अब एक क्रैश एक्स की तस्वीर सामने आई है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि भारतीय पायलट पर इस क्रैश एक्स से भी हमला किया गया.
क्रैश एक्स विमान में रखा जाने वाला एक आपातकालीन सुरक्षा उपकरण है. इसे आमतौर पर इमरजेंसी एक्स भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल दुर्घटना या आग जैसी स्थिति में दरवाजा, केबिन की बाधा या अन्य हल्की संरचना तोड़ने के लिए किया जा सकता है. यह सामान्य कुल्हाड़ी से अलग, विमान की आपात स्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन की जाती है. इसे आमतौर पर कॉकपिट या निर्धारित सुरक्षा स्थान में रखा जाता है. लेकिन नेतन्याहू के दावे के मुताबिक इसका इस्तेमाल भी हथियार की तरह किया गया.
आसमान में 'सिर तन से जुदा' की खौफनाक साजिश?
ओमानी पायलट के हमले में घायल हुए भारतीय पायलट के शरीर के साथ-साथ हाथ और गर्दन पर भी चोटें आई हैं. जिसके बाद आसमान में सिर तन से जुदा की साजिश की आशंका भी जाहिर की जा रही है. एक वीडियो में कैप्टन मच्छार को विमान से बाहर निकालकर स्ट्रेचर पर ले जाते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में कैप्टन स्मित की गर्दन से लेकर पेट और कमर तक धारदार हथियार से लगी चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं. यानी उनकी गर्दन पर भी हमला किया गया. हालांकि इसके बावजूद वह होश में हैं. इसी जीवटता की वजह से इजरायल भारतीय पायलट को हीरो और ओमान के पायलट को विलेन मान रहा है.
इजरायल बदलेगा अपने उड़ान प्रोटोकॉल
इस घटना के बाद इजरायल हवाई उड़ान के प्रोटोकॉल बदलने की तैयारी में भी है. इजरायल की कोशिश है कि जिन देशों से उसके संबंध नहीं हैं, उनके नागरिक फ्लाइट लेकर इजरायल ना आएं. भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने जी न्यूज को इस बात की जानकारी दी है. इजरायल बहुत अच्छी तरह जानता है कि ये एहतियात इसलिए भी जरूरी है... क्योंकि हर बार तेल अवीव आने वाली फ्लाइट कैप्टन मच्छार जैसा साहसी पायलट ही उड़ा रहा हो... ये जरूरी नहीं है.