त्रिपुरा के युवक से नस्लभेदी टिप्पणी करने के मामले में यूट्यूबर आमिर शौकीन को अदालत ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस ने अदालत से छह दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी, जिसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध किया. हालांकि, अदालत ने पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी. आमिर के वकील ने बताया कि पुलिस का दावा है कि संबंधित वीडियो अहमदाबाद में रिकॉर्ड किया गया था. जांच एजेंसी वीडियो की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने और मोबाइल फोन सहित अन्य संभावित साक्ष्यों की तलाश में पूछताछ कर सकती है. इस दौरान आमिर को अहमदाबाद भी ले जाया जा सकता है.
वकील शुभम गुप्ता ने बताया कि पुलिस की ओर से अदालत में छह दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल की गई थी. बचाव पक्ष ने इस अर्जी का विरोध किया, लेकिन अदालत ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर कर दी. पुलिस ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित वीडियो अहमदाबाद में बनाई गई थी. पुलिस इस दावे की पुष्टि करना चाहती है कि वीडियो वास्तव में कहां रिकॉर्ड की गई थी. इसी तथ्य की जांच के लिए अदालत ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी दी है.
वकील ने कहा कि फिलहाल अहमदाबाद में वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की कोई सटीक लोकेशन सामने नहीं आई है. पुलिस ने भी अदालत में किसी निश्चित स्थान का विवरण नहीं दिया है. पुलिस आमिर को अहमदाबाद ले जाने की बात कह रही है. पांच दिन की पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कौन-से तथ्य सामने आते हैं.
शुभम गुप्ता ने बताया कि बचाव पक्ष को अदालत में सुनवाई के दौरान एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराई गई है. एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192, 196, 352 और 353 लगाई गई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम की धाराएं भी अलग से जोड़ी गई हैं, जिसका एफआईआर में उल्लेख नहीं है.
वकील ने कहा कि मामले में लगाई गई धाराओं में से कुछ गैर-जमानती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की कानूनी प्रक्रिया पुलिस की जांच और अदालत में पेश की जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी. पांच दिन की पुलिस कस्टडी समाप्त होने पर पुलिस अपनी जांच और पूछताछ के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करेगी. इसमें बताया जाएगा कि रिमांड के दौरान क्या जांच की गई, किन बिंदुओं पर पूछताछ हुई और क्या तथ्य सामने आए. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की कॉपी बचाव पक्ष को भी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके बाद आगे की प्रक्रिया के बारे में स्पष्टता आएगी.
आमिर शौकीन से जुड़ी किसी दूसरी वीडियो के बारे में पूछे जाने पर शुभम गुप्ता ने कहा कि उन्हें फिलहाल ऐसी किसी अन्य वीडियो की जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी में केवल एक वीडियो है, जिसमें त्रिपुरा से संबंधित एक व्यक्ति के बारे में कथित तौर पर टिप्पणियां की गई थीं. वर्तमान मामले में इसी वीडियो को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है.
वकील विनीत जैन ने भी बताया कि पुलिस ने छह दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने पांच दिन की रिमांड मंजूर की. पुलिस की दलील थी कि वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करनी है और कुछ संभावित बरामदगी भी करनी है. पुलिस आमिर को दिल्ली से बाहर भी ले जा सकती है. उन्होंने अहमदाबाद के किसी स्थान पर ले जाए जाने की संभावना जताई. उन्होंने कहा कि पुलिस की अर्जी में जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, वहां ले जाकर पूछताछ की जा सकती है.
वकील ने यह भी कहा कि उनके सामने अब तक किसी शिकायतकर्ता की ओर से ऐसा कोई शिकायत संबंधी बयान नहीं आया है, जिसमें आरोप लगाए गए हों. उन्होंने दावा किया कि फिलहाल मामला पुलिस के बयान के आधार पर दर्ज एफआईआर से संबंधित है.
(Input: आईएएनएस)