Chandni Chowk के कूचा महाजनी में 50 से ज्यादा दुकानें सील, करोड़ों की ज्वेलरी अंदर बंद; व्यापारियों में हड़कंप
चांदनी चौक के कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में MCD ने बेसमेंट में चल रही 50 से ज्यादा दुकानों को सील कर दिया, जिससे करोड़ों रुपये की ज्वेलरी अंदर फंस गई और व्यापारियों में हड़कंप मच गया.
Delhi News: पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में गुरुवार सुबह अचानक सीलिंग की कार्रवाई शुरू होने से व्यापारी हैरान रह गए. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कई इमारतों के बेसमेंट में चल रही दुकानों पर कार्रवाई करते हुए कई जगहों को सील कर दिया. MCD अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 54 दुकानें सील की जा चुकी हैं, जबकि व्यापारियों का दावा है कि यह संख्या 56 तक पहुंच गई है.
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक पुराने मॉनिटरिंग कमिटी के आदेश के तहत की गई थी और इसका हाल ही में सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने से सीधा संबंध नहीं है. व्यापारियों का आरोप है कि सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने के बाद प्रशासन ने अवैध और खतरनाक कंस्ट्रक्शन के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.
व्यापारियों के मुताबिक, उन्हें कार्रवाई के बारे में पहले से नहीं बताया गया था. उनका दावा है कि MCD और पुलिस की टीमें सुबह मार्केट में पहुंचीं और नोटिस चिपकाने के बाद अलग-अलग इमारतों के बेसमेंट में बनी दुकानों को सील करना शुरू कर दिया. कई दुकानदारों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई के बारे में अपनी दुकानों पर पहुंचने के बाद ही पता चला.
इस कार्रवाई के बाद, व्यापारियों ने एक और बड़ी चिंता जताई है. उनका दावा है कि सील की गई दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये का सोना, चांदी और दूसरी कीमती ज्वेलरी रखी हुई है. सीलिंग की वजह से व्यापारी अपना सामान नहीं निकाल पा रहे हैं.
ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. व्यापारियों का आरोप है कि सीलिंग के कुछ नोटिस पर तारीखें लिखी हैं. एसोसिएशन द्वारा शेयर किए गए एक नोटिस पर 12 मई 2026 की तारीख होने का दावा किया गया है.
व्यापारियों का सवाल है कि जब बेसमेंट बन रहा था और दुकानें बिक गई थीं, तब क्या संबंधित विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं की? उनका आरोप है कि बिल्डर दुकानें बेचकर भाग गया, जबकि अब व्यापारियों को कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. व्यापारियों ने MCD पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है.
व्यापारियों ने कहा है कि वे इस मामले को लेकर डिप्टी कमिश्नर से मिलेंगे और मिलकर शिकायत करेंगे. उनका कहना है कि अचानक हुई सीलिंग से व्यापार पर असर पड़ा है और रोजगार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
MCD अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई मॉनिटरिंग कमेटी के पिछले निर्देशों के तहत की जा रही है. हालांकि, व्यापारियों के आरोपों और सील की गई दुकानों में रखी करोड़ों की ज्वेलरी के बारे में कॉर्पोरेशन ने तुरंत कोई डिटेल्ड जवाब नहीं दिया है.
(दिल्ली से संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट)