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हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों का अपनी लंबित मांगों को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है. सिरसा से लेकर हिसार और हांसी तक कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है. कहीं कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी है तो कहीं अनिश्चितकालीन चक्का जाम के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है. इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है. बस स्टैंड पर लोग घंटों बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं.
सिरसा रोडवेज डिपो में कर्मचारियों की हड़ताल, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
सिरसा रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी और बस स्टैंड परिसर में सरकार और रोडवेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर अपना विरोध दर्ज करवाया.
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन साल से उन्हें दैनिक भत्ता नहीं मिला है, जबकि करीब चार साल से मेडिकल भत्ता भी लंबित पड़ा हुआ है. लंबे समय से भत्तों का भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में सरकार और प्रशासन के प्रति भारी रोष है.
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे कई बार रोडवेज प्रशासन के अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई. कर्मचारियों का आरोप है कि रोडवेज प्रशासन मनमानी कर रहा है और उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.
कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब उन्हें समय पर भत्ते ही नहीं मिल रहे तो वे अपने परिवार के साथ दिवाली का त्योहार कैसे मनाएंगे.
5 और 6 नवंबर को चक्का जाम की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने ऐलान किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो आगामी 5 और 6 नवंबर को रोडवेज का चक्का जाम रखा जाएगा. कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि लंबित भत्तों का भुगतान चाहते हैं.
हरियाणा रोडवेज के पदाधिकारी जयवीर सिंह और जगदीप सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और उनका बकाया दैनिक और मेडिकल भत्ता तुरंत जारी किया जाए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
रोडवेज पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर सिरसा ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में कर्मचारी हड़ताल पर बैठ जाएंगे. ऐसे में प्रदेशभर में रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है.
हांसी में दूसरे दिन भी हड़ताल, बसों के इंतजार में परेशान हुए यात्री
उधर, हांसी में रोडवेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर आम जनता पर साफ दिखाई देने लगा है. हांसी बस स्टैंड पर रविवार सुबह से ही यात्री बसों के इंतजार में परेशान होते नजर आए. कोई गांव जाने के लिए बस पूछता रहा तो कोई दिल्ली, हिसार, चंडीगढ़ और करनाल जाने के लिए पूछताछ केंद्र के चक्कर काटता रहा.
घंटों इंतजार के बाद भी बस नहीं मिलने पर यात्रियों को निजी वाहनों और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा. हड़ताल का यह दूसरा दिन है.
हिसार डिपो और हांसी सब-डिपो में लंबित वित्तीय भत्तों और बकाया भुगतान की मांग को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर रखा है. हड़ताल के चलते हिसार डिपो की 181 और हांसी सब-डिपो की 71 बसों सहित कुल 259 बसों का संचालन प्रभावित होने की जानकारी दी गई है. इससे लोकल और लंबे रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
नाइट ड्यूटी भत्ता, टीए और मेडिकल बिलों का भुगतान है प्रमुख मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नाइट ड्यूटी भत्ता, टीए, एलटीसी और मेडिकल बिलों का लंबित भुगतान शामिल है. कर्मचारियों के अनुसार करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का टीए भुगतान लंबित है.
रोडवेज कर्मचारी जयबीर घणघस एवं मंजीत कुमार ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों के भुगतान की मांग कर रहे हैं. अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देने के साथ धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ.
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो साझा मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के करीब 20 हजार रोडवेज कर्मचारी आंदोलन में शामिल होकर प्रदेशव्यापी चक्का जाम कर सकते हैं. इससे पूरे हरियाणा में बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है.
विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
हड़ताल के कारण हांसी बस स्टैंड पर यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. करनाल और चंडीगढ़ जाने वाले यात्री कृष्ण और सोनू ने बताया कि वे काफी देर से बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बसें नहीं मिल रही हैं. सिरसा डिपो की बसें भी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच रही हैं.
ग्रामीण रूटों पर बस सेवा प्रभावित होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई.
बातचीत से हड़ताल खत्म करवाने की कोशिश
हांसी के ट्रैफिक मैनेजर सतबीर सिंह यादव ने बताया कि हड़ताल खत्म करवाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. यूनियन नेताओं के साथ बातचीत जारी है. चंडीगढ़ में भी अधिकारियों के स्तर पर बातचीत चल रही है.
उन्होंने बताया कि हांसी सब-डिपो की सभी 71 बसों पर हड़ताल का असर पड़ा है और सभी रूट प्रभावित हुए हैं. विभाग की कोशिश है कि बातचीत के माध्यम से जल्द समस्या का समाधान निकले और बसों का संचालन दोबारा शुरू हो सके.
फिलहाल एक तरफ रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ बसों का संचालन प्रभावित होने से आम यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. अब सबकी नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी है.
(विजय कुमार और नवीन शर्मा की रिपोर्ट)