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अब राजधानी दिल्ली के वकील नाराज नजर आ रहे हैं. इसीलिए दिल्ली की सभी जिला अदालतों में मंगलवार 27 अक्टूबर को वकीलों की हड़ताल के चलते अदालती कामकाज प्रभावित रहेगा. दिल्ली के वकीलों ने शाहदरा में एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट की घटना और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई के विरोध में एक दिन के कार्य बहिष्कार का आह्वान किया है.
असल में इस विवाद में एक तरफ वकील पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस ने भी शाहदरा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कुछ अन्य वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. ऐसे में शाहदरा से शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली की सभी जिला अदालतों तक पहुंच गया है.
हुआ यह कि शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास के मुताबिक, 23 अक्टूबर को अधिवक्ता ललित बंसल किसी काम से शाहदरा की एक मार्केट में गए थे. इसी दौरान पार्किंग को लेकर हुए विवाद में दो लोगों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया. इस घटना में वकील के सिर पर चोट आई थी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा के तहत केस दर्ज किया था और दोनों आरोपियों को पकड़ा भी था.
हालांकि इसके बाद आरोपियों को छोड़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बार एसोसिएशन के सचिव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मोटी रकम लेकर दोनों आरोपियों को छोड़ दिया. यह वकील पक्ष का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध इनपुट में नहीं है.
बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास का आरोप है कि 24 अक्टूबर को कुछ वकील इस मामले में बात करने शाहदरा थाने पहुंचे थे. वहां शाहदरा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ट पर वकीलों को पिस्टल दिखाकर डराने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया. हालांकि, एसीपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है. इस घटना के बाद वकीलों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया.
वकीलों का कहना है कि अधिवक्ता पर हमले के मामले में पुलिस की कार्रवाई और थाने में उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर उनकी नाराजगी बढ़ी है. इसी विवाद के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों में काम बंद रखने का फैसला किया गया.
उधर वकीलों की हड़ताल से एक दिन पहले सोमवार रात को शाहदरा थाना पुलिस ने बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास, सदस्य विशाल शर्मा, विवेक पांडेय समेत कई वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. यह कार्रवाई एसीपी शाहदरा मनस्वी वशिष्ट की शिकायत के आधार पर की गई. पुलिस ने सरकारी कर्मचारी को धमकी देने, सरकारी काम में बाधा डालने और अभद्रता करने जैसे आरोपों से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है.
इस मामले में पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच और उनका न्यायिक निर्धारण होना बाकी है. मुकदमा दर्ज होने की कार्रवाई ने पहले से जारी विवाद को और बढ़ा दिया है.
एसीपी मनस्वी वशिष्ट की शिकायत के मुताबिक, शाहदरा थाने का हेड कांस्टेबल अमित मलिक 24 अक्टूबर को एक मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट गया था. पुलिस का आरोप है कि वहां कुछ वकीलों ने उसे घेर लिया और 23 अक्टूबर को थाने में दर्ज एक मामले को लेकर बहस करने लगे. इसके बाद पुलिसकर्मी किसी तरह थाने पहुंचे. शिकायत में आगे आरोप लगाया गया कि कुछ देर बाद शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास 10 से 15 वकीलों के साथ थाने आए.
पुलिस के मुताबिक वकील थानाध्यक्ष के कमरे में पहुंचे और उनका हाथ खींचने की कोशिश की. एसीपी का दावा है कि उस समय वह खुद मौके पर मौजूद थे. शिकायत में थानाध्यक्ष को अदालत आने पर पीटने की धमकी देने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस का कहना है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना रिकॉर्ड हुई है.
शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास ने पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि वकीलों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि वकील इससे डरने वाले नहीं हैं और मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के वकील एकजुट हैं और मंगलवार को सभी जिला अदालतों में कामकाज का बहिष्कार किया जाएगा. वकीलों की हड़ताल के कारण अदालतों में सुनवाई और दूसरे न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका है.
इस पूरे मामले में फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप सामने आए हैं. एक ओर वकील ललित बंसल पर कथित हमले और पुलिस के व्यवहार को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं पुलिस ने थाने में कथित हंगामे और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों पर मुकदमा दर्ज किया है. अब इस विवाद में देखना है आगे क्या होता है.