राजधानी दिल्ली में छठ महापर्व से पहले यमुना नदी की स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. यमुना के पानी की सतह पर दिखाई दे रहे सफेद झाग ने एक बार फिर नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कालिंदी कुंज यमुना घाट का दौरा कर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने यमुना में झाग खत्म करने के लिए पहुंची निजी कंपनियों की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के साथ उनकी कथित सेटिंग का आरोप लगाया. इस बीच दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी ने डीफोमिंग की प्रक्रिया और टेंडर से जुड़ी जानकारी साझा की है.
2022 से हो रहा डीफोमिंग का काम: DJB
दिल्ली जल बोर्ड में केमिस्ट के पद पर कार्यरत संदीप वर्मा ने बताया कि कालिंदी घाट पर डीफोमिंग से संबंधित जो इंफ्रास्ट्रक्चर लगाया गया है, वह जल बोर्ड का है. उनके मुताबिक, छठ महापर्व से पहले यमुना में बनने वाले झाग को हटाने के लिए वर्ष 2022 से लगातार यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में डीफोमिंग का काम आईकॉन कंपनी ने किया था.
संदीप वर्मा के अनुसार, इस साल डीफोमिंग के लिए 80 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था. इसके तहत इस्तेमाल होने वाली सामग्री और जरूरी उपकरणों को 17 तारीख को वजीराबाद से कालिंदी घाट पहुंचाया गया, जबकि टेंडर 19 तारीख को खोला गया.
दो कंपनियां तकनीकी रूप से योग्य
जल बोर्ड अधिकारी ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में आईकॉन इंस्ट्रूमेंट और एल्यूज टेक्नोलॉजी नाम की दो कंपनियां तकनीकी रूप से योग्य पाई गई हैं. उन्होंने कहा कि 19 तारीख को दोनों कंपनियों को पत्र भेजकर साइट पर मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लेने और आगामी छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां दिखाने के लिए कहा गया था.
अधिकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने कालिंदी घाट पर अपने-अपने टेंट लगाए हैं, जहां वे डीफोमिंग से संबंधित तैयारियां कर रही हैं. उन्होंने बताया कि एक कंपनी के टेंट से करीब 500 मीटर की दूरी पर दूसरी कंपनी का टेंट लगाया गया है. जल बोर्ड के अनुसार, इन तैयारियों का उद्देश्य छठ महापर्व से पहले यमुना के पानी पर बनने वाले झाग को हटाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है.
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर लगाए आरोप
बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज लगातार दो दिन कालिंदी कुंज यमुना घाट पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने यमुना में सफेद झाग दिखाई देने को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि नदी की मौजूदा स्थिति सरकार की ओर से यमुना की सफाई को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल खड़े करती है.
सौरभ भारद्वाज ने डीफोमिंग के लिए निजी कंपनियों की तैयारियों पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर खुलने से पहले ही कंपनियों ने मौके पर टेंट लगाकर तैयारियां शुरू कर दी थीं और इसके पीछे दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के साथ उनकी कथित सांठगांठ हो सकती है.
फिलहाल, इस मामले में जल बोर्ड अधिकारी ने टेंडर की प्रक्रिया और कंपनियों की तैयारियों को लेकर अपना पक्ष रखा है, जबकि निजी कंपनियों के साथ कथित सांठगांठ को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. छठ महापर्व से पहले यमुना में झाग की समस्या और डीफोमिंग की तैयारियों पर अब सबकी नजरें टिकी हैं.
(हरि किशोर साह की रिपोर्ट)