)
Delhi News: वॉटर कनेक्शन लेने के लिए लोगों को अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के ऑफिस के चक्कर नहीं काटने होंगे. अब ये हाथों-हाथ मिल जाएगा. कनेक्शन को आसानी से लिया जा सके, इसके लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुरानी दिल्ली वाटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है. नए वाले रेगुलेशन को दिल्ली वाटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है. नए रेगुलेशन में पानी के दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है
जल बोर्ड के अनुसार, नया वॉटर कनेक्शन लेने का पूरा प्रोसेस दिल्ली वाटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है. इसके तहत कनेक्शन लेने में लोगों को कम से कम 40 से 50 दिन लग जाता है. वहीं नया कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है. वहीं पहली प्रक्रिया आवेदन करने और पैसे को जमा करना की होती है.
हाथों-हाथों होगा काम?
साइट का निरीक्षण आवेदन के 7 से 15 दिनों के अंदर जूनियर इंजीनियर करते हैं. वहीं जगह सही होती है तो 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है. डिमांड नोट का भुगतान करने के 15 से 30 दिनों के अंदर कनेक्शन चालू किया जाता है. नए रेगुलेशन के तहत हाथों हाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है. वहीं कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा.
कनेक्शन मिल सकेंगे
नए नियम लागू होने के बाद एक ही रिहायशी इमारत में रहने वाले ज्यादा लोगों को अलग-अलग पानी के कनेक्शन मिल सकेंगे. अभी साल 2012 के नियमों के तहत एक बिल्डिंग में अधिकतम 6 वॉटर कनेक्शन देने का प्रावधान है. नए नियम में इस सीमा को हटाने की योजना है.
पानी का कनेक्शन लिया जा सकेगा
इसका फायदा उन इमारतों में रहने वाले लोगों को मिलेगा, जहां कई फ्लैट बने हुए हैं. अगर किसी बिल्डिंग में 20 या 30 फ्लैट हैं, तो सभी फ्लैट के लिए अलग पानी का कनेक्शन लिया जा सकेगा. हालांकि, इसके लिए हर फ्लैट में अलग किचन होना जरूरी होगा.
कागजी कार्रवाई में राहत मिलने की उम्मीद
नए नियमों में दस्तावेजों की प्रक्रिया भी आसान करने की बात कही गई है. अभी कनेक्शन के लिए पहचान पत्र के साथ प्रॉपर्टी से जुड़े कई दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं. इनमें रजिस्ट्री, सेल डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर, बिजली का बिल और अन्य कागजात शामिल हैं. किरायेदारों को मकान मालिक की NOC और रेंट एग्रीमेंट भी देना होता है. नए नियम के तहत आधार कार्ड या पैन कार्ड जैसे दस्तावेज के आधार पर पानी का कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आसान हो सकती है. इससे लोगों को कागजी कार्रवाई में राहत मिलने की उम्मीद है.