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Delhi News: उत्तरी दिल्ली के सीमापुरी में इमारत गिरने से पांच लोगों (जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे) की मौत हो गई थी. इस घटना के दो दिन बाद शुक्रवार को इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई.
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश पर उन निर्माणों को गिराने का अभियान चलाया, जो सरकारी नियमों का उल्लंघन करके बनाए गए थे. यह कार्रवाई इलाके में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी.
शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि पास की एक इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया गया था. जब वह इमारत गिरी तो उसका एक हिस्सा बगल की इमारत से टकराया और गिर गया, जिससे उसकी बालकनी और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं. एमसीडी ने शुक्रवार को मालिक को नोटिस जारी किया और उसे पूरी तरह से गिराने के लिए दो घंटे का समय दिया. हमने इस काम में मदद के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई है.
उन्होंने आगे कहा कि बुधवार की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और गिरी हुई इमारत के मालिक की तलाश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि मालिक अभी फरार है.
इस बीच अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की त्रासदी में जान गंवाने वालों की पहचान 12 साल की लड़की, 21 साल की गुलाफशा (जो लगभग चार महीने की गर्भवती थी), लगभग डेढ़ साल के बच्चे और दो अन्य महिलाओं, नुसरत उर्फ गुड़िया और हाजरा बीबी के तौर पर की गई है.
इमारत गिरने से घायल हुए आठ लोगों को बचाया गया और इलाज के लिए ताहिरपुर के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. डीसीपी मीणा ने आगे कहा कि घटनास्थल पर बचाव अभियान गुरुवार दोपहर 2 बजे तक पूरा हो गया था.
सीमापुरी में इमारत गिरने की यह घटना दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग के एक महीने बाद हुआ. सत्य निकेतन की उस इमारत में 'पेइंग गेस्ट' (PG) सुविधा थी और वहां रहने वाले ज्यादातर लोग दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र थे. उस त्रासदी के बाद, एमसीडी ने अवैध और असुरक्षित ढांचों की पहचान करने के अभियान के तहत राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में 'जर्जर' इमारतों को गिराने का काम शुरू किया था.
(Input: आईएएनएस)