दिल्ली के रोहिणी में 29 नवंबर को RSS का भव्य कार्यक्रम, मोहन भागवत करेंगे संबोधित
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-23 में 29 नवंबर को RSS का एक कार्यक्रम होने वाला है. इस आयोजन का नाम राष्ट्र वंदनम रखा गया है. इसमें लगभग एक लाख से ज्यादा स्वयंसेवक शामिल होने वाले हैं. आयोजन में किसी को भी बिना QR कोड की एंट्री नहीं मिलेगी.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 101 साल पूरे होने पर 29 नवंबर को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया है. ये कार्यक्रम रोहिणी के सेक्टर-23 में होने वाला है. इस आयोजन को राष्ट्र वंदनम का नाम दिया गया है. इसमें एक लाख से ज्यादा स्वयंसेवकों के आने की तैयारी है. वहीं कार्यक्रम की जगह को समरसता स्थल नाम दिया गया है. इस कार्यक्रम को RSS प्रमुख मोहन भागवत संबोधित करने वाले हैं.
कैसे मिलेगी एंट्री?
इस भव्य आयोजन में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों को इनवाइट किया जा रहा है. इसमें वैज्ञानिक, डॉक्टर, सेना से जुड़े लोग, रिटायर्ड अधिकारी, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता, रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स, व्यापारी और सेवा बस्तियों के प्रमुख लोग शामिल होंगे. इतना ही नहीं इस आयोजन में एंट्री लेने के लिए QR कोड की व्यवस्था की जाएगी.
5 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था
इस आयोजन की तैयारी 24 नवंबर से शुरू करने की प्लानिंग है. यहां की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए लगभग 5 हजार स्वयंसेवकों को लगाया जाएगा. इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में संघ का जय घोष बैंड भी प्रस्तुत किया जाएगा. इसकी तैयारियों में 2 हजार स्वयंसेवकों शामिल होंगे. साथ ही आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है.
50 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य
इस कार्यक्रम के साथ पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी पहल की जाएगी. दिल्ली की 19 कॉलोनियों को जीरो वेस्ट बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. वहीं 50 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से करीब 30 हजार पेड़ लगाए जाने का दावा किया गया है. इतना ही नहीं कार्यक्रम के दौरान ड्रग फ्री अभियान शुरू करने की भी योजना है. इस अभियान को शुरू करने के पीछे का मकसद लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है.
कब हुई थी RSS की स्थापना
RSS की स्थापना 1925 में महाराष्ट्र के नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी. वहीं पिछले साल विजयदशमी के मौके पर संघ के शताब्दी वर्ष की शुरुआत की गई थी. इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में सम्मेलन और सभाएं आयोजित की गई थीं.
(नीरज पांडे/ब्रह्मप्रकाश दुबे की रिपोर्ट)