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दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े अस्पताल हिंदू राव में नर्सिंग स्टाफ काली पट्टी बांधकर काम कर रहा है. हुआ यह है कि नर्सों की भारी कमी को लेकर विरोध शुरू हो गया है. नर्सिंग स्टाफ पिछले 28 सितंबर से काली पट्टी बांधकर काम कर रहा है. नर्सों का कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण उन पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और उन्हें कई बार डबल शिफ्ट तक करनी पड़ रही है.
980 बेड के हिंदू राव अस्पताल में फिलहाल सिर्फ 62 नर्सें काम कर रही हैं. जबकि नर्सिंग स्टाफ के मुताबिक अस्पताल के हिसाब से करीब 300 नर्सों की जरूरत है. यानी जरूरत के मुकाबले मौजूदा नर्सिंग स्टाफ काफी कम है. नर्सों का कहना है कि इतनी कम संख्या में मरीजों की देखभाल और अस्पताल की दूसरी जिम्मेदारियां संभालना मुश्किल हो रहा है.
डबल शिफ्ट से बढ़ा दबाव
नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि कर्मचारियों की कमी के कारण उन्हें लगातार अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है. कई नर्सों को डबल शिफ्ट करनी पड़ रही है. इससे काम का दबाव बढ़ने के साथ उनकी शारीरिक और मानसिक परेशानी भी बढ़ रही है.
नर्सों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या और काम का दबाव देखते हुए पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ होना जरूरी है. मौजूदा स्थिति में कम कर्मचारियों को ही ज्यादा काम संभालना पड़ रहा है, जिसका असर उनकी सेहत और काम करने की क्षमता पर पड़ रहा है.
28 सितंबर से काली पट्टी
नर्सिंग स्टाफ ने अपनी मांग के विरोध में 28 सितंबर से काली पट्टी बांधकर काम करना शुरू किया है. नर्सों का कहना है कि यह विरोध अस्पताल प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने और जल्द समाधान की मांग को लेकर किया जा रहा है.
नर्सों के मुताबिक, वे अपनी समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत भी दे चुके हैं. उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अभी तक उनकी मांग पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला है.
5 अक्टूबर से 2 घंटे की हड़ताल
नर्सिंग स्टाफ ने अब आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर जल्द ही अस्पताल में नर्सों की कमी दूर नहीं की गई तो 5 अक्टूबर से दो घंटे की हड़ताल की जाएगी.
नर्सों के मुताबिक, इसके बाद भी अगर उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का आह्वान किया गया है. नर्सों ने साफ किया है कि उनका मुख्य मुद्दा अस्पताल में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति करना है.
मरीजों पर पड़ सकता है असर
नर्सों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की स्थिति में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है. हिंदू राव अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल से मरीजों की देखभाल और अस्पताल की नियमित सेवाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वे मरीजों को परेशानी में नहीं डालना चाहते, लेकिन लंबे समय से चली आ रही स्टाफ की कमी के कारण उनके सामने भी काम और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं.
नर्सों की मांग पर नजर
फिलहाल नर्सिंग स्टाफ काली पट्टी बांधकर अपनी ड्यूटी कर रहा है. नर्सों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर पर्याप्त संख्या में नर्सों की नियुक्ति करने की मांग की है. अब देखना होगा कि 5 अक्टूबर से प्रस्तावित दो घंटे की हड़ताल से पहले प्रशासन की ओर से उनकी मांग पर क्या कदम उठाया जाता है. (संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट)