App

राजधानी में सस्ता घर लेने का मौका: 209 घरों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ये है आखिरी तारीख

Delhi EWS flats: दिल्ली में EWS फ्लैट खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है. वहीं दूसरी तरफ DDA की जनता आवास योजना के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है. इस योजना के अंदर रोहतक रोड पर जखीरा फ्लाईओवर के पास 209 EWS फ्लैट उपलब्ध हैं.

राजधानी में सस्ता घर लेने का मौका: 209 घरों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ये है आखिरी तारीख

Delhi News: राजधानी में EWS फ्लैट खरीदने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है. DDA की जनता आवास योजना का ब्रॉशर लॉन्च होने के बाद से ही इसका दूसरा चरण शुरू हो गया है. वहीं 209 EWS फ्लैट रोहतक रोड पर जखीरा फ्लाईओवर के पास है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी. वहीं रजिस्ट्रेशन कराने की लास्ट डेट 7 दिसंबर है.  

कब तक निकलेगा ड्रा? 
इन फ्लैट्स के लिए कंप्यूटर आधारित ड्रॉ 15 दिसंबर तक निकाला जाएगा. वहीं अगर इनके कीमत की बात करें, तो  34.86 लाख रुपये से लेकर 35.50 लाख रुपये है. फ्लैट का एरिया 61.77 वर्ग मीटर के आसपास है. DDA अधिकारियों के बताया कि इस योजना के तहत लोगों को फ्लैट्स किफायती दामों में उपलब्ध कराया जा रहा है. ऐसे में दूसरे आगामी योजना को शुरू करने की प्लानिंग चल रही है. इसको लेकर जो भी जानकारी है, वो DDA के वेबसाइट dda.gov.in पर जाकर प्राप्त कर मिलेगी.          

दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा? 
दिल्ली हाई कोर्ट ने DDA को साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि वो प्रॉपर्टी को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए पेंडिंग आवेदनों पर दो महीने के अंदर कार्रवाई करे. इसके लिए अथॉरिटी पहले ही लोगों से 155.06 करोड़ रुपए ले चुकी है. हाई कोर्ट ने ये भी कहा कि जो भी पेंडिंग आवेदन हैं, उनके ऊपर मौजूदा पॉलिसी के हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं आगे के लिए एक पॉलिसी बना सकते हैं.          

किसके लिए हुआ मुश्किल? 
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन की बेंच ने 28 सितंबर को दिए एक आदेश में कहा था कि ये उन प्रॉपर्टी मालिकों के मामले में और भी मुश्किल हो गई है, जो पहले ही एप्लीकेशन जमा कर चुके हैं. साथ ही उस समय लागू किए गए कन्वर्जन चार्ज भी भर दिए हैं. ऐसे लोग अब DDA के फैसले का इंतजार कर रहे हैं.    

दिल्ली के लोगों को हो रही दिक्कतों से जुड़ी थी
कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जो दिल्ली के लोगों को हो रही दिक्कतों से जुड़ी थी. ये परेशानी इसलिए हो रही थी, क्योंकि DDA प्रॉपर्टी को लीज होल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने की एप्लीकेशन पर कार्रवाई नहीं कर रहा था. कोर्ट ने देखा कि 2020 और 2026 के बीच कन्वर्जन के लिए 1373 आवेदन पेंडिंग पड़े थे. DDA कन्वर्जन के नाम पर पहले ही 155.06 करोड़ रुपए जमा कर चुका है. वहीं इसमें से 308 एप्लिकेशन को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन कन्वेयंस डीड (स्वामित्व हस्तांतरण दस्तावेज) तैयार नहीं किए गए थे. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को तय की.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Akanchha Singh

Akanchha Singh

जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
Read More