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सुकमा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता! जंगल में छिपा नक्सलियों का डंप मिला, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

सुकमा जिले में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप बरामद किया गया. पुलिस के अनुसार यह ऑपरेशन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर चलाया गया था.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 28, 2026, 09:00 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 09:08 PM IST
Image Credit: सुकमा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता!
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और पुलिस को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है. नक्सल विरोधी अभियान के तहत चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद करके नक्सलियों के खतरनाक मंसूबों को नाकाम कर दिया. यह अभियान कुकानार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुमनपारा और जोंगेरस के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में चलाया गया था.

आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस ऑपरेशन की सफलता का कारण आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली महत्वपूर्ण और सटीक खुफिया जानकारी थी. इन जानकारियों के आधार पर डिस्ट्रिक्ट फोर्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स के जवानों की एक संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन और एरिया-डोमिनेशन अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जब जवानों ने संदिग्ध जगहों की बारीकी से जांच की, तो उन्हें नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर और झाड़ियों के बीच छिपाया गया एक डंप (सामान का जखीरा) मिला.

भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

संयुक्त टीम ने इस डंप की गई सामग्री को बाहर निकाला, जिसमें सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से रखे गए खतरनाक हथियार और विस्फोटक शामिल थे. मौके से 2 टिफिन IED, 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस, 14 जिलेटिन रॉड और 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद किए गए हैं. इसके अलावा नक्सलियों के दैनिक उपयोग की चीजें और अन्य सामान भी जब्त किए गए हैं. सुरक्षा बलों ने मौके से सभी विस्फोटक सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया है.

बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश नाकाम

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए हथियारों और विस्फोटकों का यह जखीरा तैयार कर रहे थे. हालांकि, सुरक्षा बलों की समय रहते की गई कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया. इस सफल अभियान के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की गश्त और निगरानी और बढ़ा दी गई है, और नक्सलियों को पकड़ने के लिए आसपास के जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. ऐसा लगता है कि इस कार्रवाई ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को एक बार फिर कमजोर कर दिया है.

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में 'कुबेर' की गाड़ी! बोलेरो का दरवाजा खुलते ही उड़े पुलिस के होश, अंदर ठसाठस भरे थे 4 करोड़ के करारे-करारे नोट

 

नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

सुकमा के जंगलों में मिले विस्फोटकों और हथियारों का यह बड़ा जखीरा इस बात का स्पष्ट सबूत है कि सुरक्षा बलों की लगातार छापेमारी और सटीक खुफिया तंत्र के सामने नक्सलियों के नापाक मंसूबे लगातार विफल हो रहे हैं. भले ही माओवादी बड़ी वारदातों को अंजाम देने की गुप्त साजिशें रच रहे हों, लेकिन डिस्ट्रिक्ट फोर्स, DRG और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त सतर्कता ने यह साबित कर दिया है कि बस्तर क्षेत्र में हिंसा का दायरा लगातार सिमट रहा है. यह इस इलाके को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है.
 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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