)
छत्तीसगढ़ में शिंदे गुट ने 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक अभिषेक वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार के लिए 20 विधानसभा सीटों पर खास फोकस किया जा रहा है. उन्होंने बीजेपी को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि आगामी चुनाव में NDA के साथ मिलकर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. अभिषेक वर्मा का कहना है कि छत्तीसगढ़ को हिंदू राज्या बनाने की मांग को लेकर पार्टी ने अपने प्रमुख वैचारिक मुद्दों में शामिल किया है.
बिलासपुर में शिवसेना शिंदे गुट ने प्रेस वार्ता कर पार्टी की आगामी रणनीति के बारे में जानकारी दी है. अभिषेक वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत बनाने के लिए 18 जिलों में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पार्टी ने राज्य की 20 विधानसभा सीटों पर खास फोकस रखने की बात भी कही है. आगे बताया कि दुर्ग, बिलासपुर, बिरगांव समेत कई इलाकों में तैयारियां चल रही हैं.
संगठन का हो रहा विस्तार
अभिषेक वर्मा का कहना है कि हमारा संगठन लगातार विस्तार कर रहा है. वहीं आने वाले 2028 के चुनाव को लेकर हमारी तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ में शिंद गुट ने बीजेपी के साथ अपने गठबंधन को लेकर भी स्पष्ट रुख किया है. आगे बताया कि बीजेपी को बड़ा भाई मानते हुए NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं. वहीं उन्होंने पार्टी के विजन के बारे में कहा कि राष्ट्र प्रथम, जनता सर्वोपरि है.
मराठी भाषा विवाद पर बोले
वहीं महाराष्ट्र में हिंदी भाषा पर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मराठी को पहला और हिंदी को दूसरा स्थान मिलना चाहिए. आगे कहा कि अन्य राज्यों से महाराष्ट्र आने वाले लोगों से वेसिक मराठी सीखने की अपील की है. उन्होंने यह भी कहा कि भाषा के नाम पर विवाद से समाज में विभाजन की स्थिति बनती है. इससे बचने की जरूरत है.
भाषा को लेकर विवाद नहीं हो
इस पर बोलते हुए कहा कि भाषा को लेकर विवाद नहीं होना चाहिए. महाराष्ट्र में मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए. इसके अलावा, हिंदी को उचित स्थान मिलना चाहिए. वहीं उन्होंने पारिवारिक राजनीति बैकग्राउंड का जिक्र करते हुए कहा कि अपने पिता और पूर्व कांग्रेस नेता श्रीकांत वर्मा के शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे से पुराने संबंध हैं. उन्होंने कहा कि मेरे पिता श्रीकांत वर्मा और बालासाहेब ठाकरे के बीच दोस्ती थी. उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा विचारधारा पर भी सवाल खड़े किए थे. अब कांग्रेस पहले जैसी नहीं रही है.
पत्रकारों पर क्या बोले अभिषेक?
इसके अलावा, अभिषेक वर्मा का कहना है कि साहित्यकारों और पत्रकारों के सम्मान के बारे में बात कही. उन्होंने कहा कि अपने पिता और प्रसिद्ध साहित्यकार श्रीकांत वर्मा की स्मृति में साहित्यकारों को 21 लाख रुपए और पत्रकारों को 5 लाख रुपए की राशि से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को पारदर्शी तरीके से किया जाएगा. वहीं युवाओं को लेकर कहा कि युवा देश के विकास के लिए बहुत अहम है. उन्होंने शिक्षा-स्वास्थ्य पर भी बेहतर काम करने की बात करही है.
(रिपोर्टः शैलेंद्र सिंह ठाकुर, बिलासपुर)