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छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल से राजस्व काम ठप, वेतन विसंगति और प्रमोशन को लेकर अड़े

छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ की हड़ताल जारी है. अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पटवारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की. उनका कहना है कि लंबे समय से समस्याओं का निराकरण नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.

Written By Pooja
Published: Oct 17, 2026, 11:27 AM IST | Updated: Oct 18, 2026, 11:44 AM IST
Image Credit: छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल
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छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल 13 अक्टूबर से जारी है. पटवारियों की इस हड़ताल के कारण प्रदेश भर में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने के साथ ही नामांतरण जैसे राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो रहे हैं. पटवारी वेतन विसंगतियां दूर करने, समय पर पदोन्नति देने और डिजिटल फसल सर्वे से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान करने की मांग कर रहे हैं. हालही में भू-अभिलेख संचालक के साथ हुई बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका.

पटवारी संघ का आरोप है कि बैठक में प्रशासन की ओर से काम करने या इस्तीफा देने जैसा रुख अपनाया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मागों पर जल्ज फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. पटवारी संघ ने मांग की है कि गिरदावरी की जटिल प्रक्रिया को सरल और अधिक व्यावहारिक बनाया जाए. संघ का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया में कई तरह की चुनौतियां हैं, जिससे पटवारियों और किसानों दोनों को ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. संघ एक ऐसी गिरदावरी प्रणाली चाहता है जो जमीनी स्तर पर काम को आसान बनाए और यह सुनिश्चित करे कि किसानों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े.

पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार की मांग

पटवारी संघ ने पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार की भी मांग की है. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर पटवारियों को नियमित रूप से पदोन्नति मिलनी चाहिए. उनका तर्क है कि इससे जुड़े नियम स्पष्ट होने चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अपने करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें. संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इस मामले पर जल्द ही कोई निर्णय ले.

पटवारियों की हड़ताल से बढ़ी परेशानी

पटवारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इस हड़ताल की वजह से राजस्व से जुड़े काम  जैसे डिजिटल हस्ताक्षर, धान की खरीद, भूमि सीमांकन, म्यूटेशन (नामांतरण) और भूमि बंटवारा बाधित हो रहे हैं. जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने वाले छात्रों और आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों को पटवारी और तहसील कार्यालयों में अपना काम करवाने के लिए काफी मशक्कत करते देखा गया.

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पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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