SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

2 महीने में 12 मामले...प्रेग्नेंसी में क्यों फट जाता है गर्भाशय? अंबेडकर अस्पताल की डॉक्टर ने बताए लक्षण और उपाय

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में गर्भाशय फटने के मामले आना स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ लोगों के लिए चिंता का विषय है. इसको लेकर डॉक्टर ने लक्षण से लेकर वजह के बारे में विस्तार से बताया है.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 26, 2026, 03:56 PM IST | Updated: Oct 26, 2026, 04:02 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
Join

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में पिछले दो महीनों में गर्भाशय फटने के 12 केस आने की सूचना मिली है. बता दें कि यह गर्भावस्ता या प्रसव के दौरा होने वाली गंभीर समस्या है.

गर्भाशय फटने से महिला को ज्यादा रक्तस्राव हो सकता है. साथ ही, बच्चे तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचने से उसकी भी जान पर खतरा हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत ऑपरेशन या फिर किसी विशेषज्ञ से इलाज नहीं करवाया तो जच्चा-बच्चा दोनों की मौत होने के चांस ज्यादा बढ़ जाते हैं.

किसे ज्यादा होता है खतरा ?

अंबेडकर अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल ने बताया कि जिन महिलाओं का पहले सीजेरियन ऑपरेशन यानी C-Section हो चुका है या फिर गर्भाशय की कोई अन्य सर्जरी हुई है, उनमें गर्भाशय फटने का खतरा ज्यादा रहता है.

उन्होंने आगे बताया कि प्रसव के दौरान गर्भाशय में संकुचन और दबाव बढ़ने के कारण पुराना हुआ ऑपरेशन का निशान वाला हिस्सा फट सकता है. हालांकि, पहले पहले सीजेरियन करा चुकी महिला को यह समस्या होने के चांस बहुत ही कम होते हैं. उन्होंने कहा कि सामान्य प्रसव के दौरान भी गर्भाशय फट सकता है. कई बार ऐसा होता है कि ज्यादा बार प्रसव होने के चलते यह समस्या हो सकती है.

गर्भाशय फटने की जानें वजह

डॉक्टर का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच नहीं कराना भी इस समस्या का कारण हो सकता है. साथ उन्होंने यह भी बताया कि बार-बार डॉक्टर या अस्पताल बदलना और पर्याप्त चिकित्सा सविधाओं के बिना प्रसव कराना भी परेशानी बढ़ा सकती है.

उन्होंने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी है कि शुरुआत से ही प्रसूति विशेषज्ञ की निगरानी में रहना चाहिए. पहले सीजेरियन या गर्भाशय की सर्जरी हुई हो तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दें, ताकि पुराने ऑपरेशन और मौजूद गर्भावस्ता की स्थिति के आधार पर सुरक्षित प्रसव की योजना बनाई जा सके.

क्या-क्या हो सकते हैं लक्षण?

डॉक्टर ज्योति जायसवाल ने गर्भाशय फटने के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया.

1. पेट में अचानक दर्द या लगातार दर्द
2. योनि से रक्तस्त्राव
3. चक्कर और बेहोशी

डॉक्टर ने कहा कि अगर गर्भावस्था के दौरान इनमें से कोई लक्षण दिखाई देता है. तो ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल में जाना चाहिए. हालांकि, हर मामलों में पहले से इस तरह के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं. इसलिए जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव ऐसे अस्पताल में कराना चाहिए, जहां आपातकालीन ऑपरेशन, रक्त चढ़ाने और नवजात को तत्काल उपचार देने की व्यवस्था हो.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES