छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए अनोखी पहल, आंगनबाड़ी में अब हर महीने होगा 'न्योता भोज', मिलेगा भरपूर पोषण
Sarangarh Bilaigarh: कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू की पहल पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में हर महीने न्योता भोज का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम के तहत, आम नागरिक अपने जन्मदिन, शादी, त्योहार या खास मौकों पर बच्चों को फल, हलवा, पूरी और प्रोटीन से भरपूर पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा सकेंगे.
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रशासन ने बच्चों में कुपोषण से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू की है. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुसार, जिले में बच्चों की सेहत और पोषण के स्तर को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में कृष्ण जन्माष्टमी से हर महीने न्योता भोज का आयोजन किया जाएगा. जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू की अगुवाई में यह सराहनीय पहल जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में महीने में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी.
बांटी गईं कैल्शियम-आयरन की गोलियां
इसकी शुरुआत ग्राम छूहिपली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से की गई. इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों का वजन मापा गया और उनकी सेहत की जांच की गई. डॉक्टरों की एक टीम ने बच्चों की जांच की और उन्हें कैल्शियम और आयरन सप्लीमेंट जैसी जरूरी दवाइयां दीं. न्योता भोज कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत और स्थानीय वार्ड के लोग जन्मदिन, शादी, त्योहार, कम्युनिटी डे या किसी खास मौके पर बच्चों के लिए पौष्टिक खाना देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र जा सकते हैं. नागरिक अपने योगदान में फल, प्रोटीनयुक्त आहार, हलवा, पूरी, खिचड़ी आदि शामिल कर सकते हैं.
न्योता भोज का उद्देश्य
न्योता भोज का मुख्य मकसद समुदाय की भागीदारी से कुपोषण को खत्म करना है. इस पहल के तहत ग्राम पंचायतों और वार्ड इलाकों के लोग आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के लिए जन्मदिन, शादी की सालगिरह, त्योहार या दूसरे सामुदायिक कार्यक्रमों जैसे खास मौकों पर पौष्टिक भोजन दान कर सकते हैं. यह प्रशासनिक पहल न सिर्फ़ आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए बेहतर पोषण सुनिश्चित करेगी, बल्कि समुदाय की भागीदारी भी बढ़ाएगी. साथ ही इस कदम को पोषण अभियान को एक जन-आंदोलन में बदलने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
छत्तीसगढ़ में 'न्योता भोजन' की शुरुआत कब हुई?
छत्तीसगढ़ में 16 फरवरी 2024 को न्योता भोजन योजना आधिकारिक तौर पर शुरू की गई. इसका मकसद सामुदायिक भागीदारी के जरिए सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले मिड-डे मील (दोपहर के भोजन) की पोषण क्षमता को बढ़ाना है. इस योजना के तहत लोग अपनी मर्जी से जन्मदिन, शादी की सालगिरह या त्योहारों जैसे मौकों पर बच्चों को पौष्टिक भोजन या अतिरिक्त खाना खिला सकते हैं. नियमों की बात करें तो, यह योजना नियमित मिड-डे मील की जगह नहीं लेती, बल्कि उसमें एक अतिरिक्त सुविधा है. इसके लिए नकद या चेक नहीं किए जाते हैं. अब न्योता भोज पहल सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होने जा रही है, जिससे बच्चों को काफी सुविधा होगी.