14-15 सितंबर को रायपुर में बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, निगम की कड़ी चेतावनी, बेचते मिले तो होगी कार्रवाई
Chhattisgarh News: रायपुर में गणेश चतुर्थी और जैन समुदाय के पर्यूषण पर्व को देखते हुए 14 और 15 सितंबर को मांस और मटन की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. नगर निगम ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं.
गणेश चतुर्थी और जैन समुदाय के पर्यूषण पर्व को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर में मांस और मटन की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश जारी किया है. नगर निगम की सीमा में आने वाली सभी मांस की दुकानें तय तारीखों पर बंद रहेंगी. इसके अलावा होटलों या अन्य जगहों पर भी मांस और मटन बेचने की इजाजत नहीं होगी. इन शुभ त्योहारों की पवित्रता और लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नगर निगम प्रशासन ने दो दिनों के लिए मांस और मटन की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया है. यह रोक 14 सितंबर (गणेश चतुर्थी) और 15 सितंबर (पर्यूषण पर्व) को लागू रहेगी.
14-15 सितंबर को बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें
जारी आदेश के अनुसार, रायपुर नगर निगम की सीमा में आने वाले सभी स्लाटर हाउस (पशु वधशालाएं) और मटन, चिकन व मछली की दुकानें आज (14 सितंबर) और कल (15 सितंबर) पूरी तरह बंद रहेंगी. प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को सिर्फ खुले बाजारों और दुकानों तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि होटलों और रेस्तरां पर भी कड़ी नजर रखने का फैसला किया है. नगर निगम इन सभी जगहों पर निगरानी रखेगा.
निगम की कड़ी चेतावनी
रायपुर नगर निगम की टीमें शहर भर के अलग-अलग इलाकों, बाजारों और खाने-पीने की जगहों पर नजर रखेंगी. अगर कोई दुकानदार, होटल संचालक या व्यापारी पाबंदी वाले समय के दौरान मीट या मटन बेचते या परोसते हुए पाया जाता है, तो नगर निगम के नियमों के तहत उनके खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया है.
इन दिनों में भी मांस-मटन की बिक्री पर रोक
नगर निगम के अनुसार 14 सितंबर गणेश चतुर्थी और 15 सितंबर पर्युषण पर्व के अलावा 22 सितंबर (डोल ग्यारस), 25 सितंबर (अनंत चतुर्दशी) और 26 सितंबर (पर्युषण पर्व के दौरान संवत्सरी और उत्तम क्षमा) इन सभी दिनों में भी पूरे नगर निगम इलाके में मौजूद पशुवध गृह और मीट/मटन की दुकानें बंद रहेंगी.
इलाकों की निगरानी
मेयर के निर्देशों के बाद जोन के स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने इलाकों की निगरानी करने का काम सौंपा गया है. ये टीमें यह पक्का करेंगी कि तय तारीखों पर कोई मीट या मटन न बेचा जाए. नगर निगम ने कहा है कि अगर प्रतिबंध के बाद भी कोई होटल, दुकान या दूसरी जगह मीट या मटन बेचते हुए पाई जाती है, तो स्टॉक तुरंत जब्त कर लिया जाएगा और बेचने वाले के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.