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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को सीएम हाउस में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इसके अलावा कई बड़े-बड़े मुद्दों पर मुहर भी लगी है. साथ ही प्रदेश में धान खरीदी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. इसकी जानकारी डिप्टी सीएम अरुण साव ने दी है.
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर साय कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू की जाएगी. किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा. इसके लिए अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय की गई है.
सरकार ने इस साल 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी का लक्ष्य रखा है. खरीदी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे. इस तरह इस साल करीब 3100 केंद्रों के जरिए धान की खरीदी की जाएगी.
इसके अलावा, कैबिनेट बैठक में बिजली बिल में रियायत योजना पर भी जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिल रही रियायत जारी रहेगी. इसके साथ ही बिजली रियायत योजना के तहत 400 यूनिट मासिक खपत की पात्रता को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दया गया है. इस फैसले से छत्तीसगढ़ के करीब 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा.
कैबिनेट बैठक में खेल उत्कर्ष मिशन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है. इसके तहत प्रदेश में खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने से लेकर उन्हें पदक जीतने तक बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी. मिशन के पहले चरण में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर और जशपुर में खेल फीडर सेंटर बनाए जाएंगे.
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1. औद्योगिक भूमि नियमों में संशोधन: छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि और भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी.
2. कृषक उन्नति योजना में बदलाव: धान की आदान सहायता राशि अब प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी.
3. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026: छत्तीसगढ़ में पांच साल के लिए मिशन को मंजूरी. इसके तहत 500 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट प्रावधान किया गया है.
4. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मिशन को मंजूरी. अगले पांच साल में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
5. राजनीतिक आंदोलन से जुड़े मामले: राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 9 मामलों को अदालत से वापस लेने की प्रक्रिया को मंजूरी.
6. नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलेगा: रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने का फैसला लिया गया.
7. औद्योगिक विकास नीति में संशोधन: औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बदलाव को मंजूरी. 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा.
8. कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना: 295 किलोमीटर लंबी और करीब 8,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजना को गति देने का फैसला. छत्तीसगढ़ सरकार और रेल मंत्रालय लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश करेंगे.
9. सरकारी परिसंपत्तियों का पुनर्विकास: दुर्ग, रामानुजगंज, जशपुर, सक्ती और धमतरी की पांच परियोजनाओं को मंजूरी. सरकारी जमीनों और जर्जर परिसंपत्तियों का PPP मॉडल पर पुनर्विकास होगा.
10. सड़क ठेकेदारों को राहत: डामर की बढ़ी कीमतों से राहत देने के लिए ग्रामीण सड़क विकास कार्यों में 130.88 करोड़ रुपये की मूल्य राहत दी जाएगी.
11. सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी.
(रिपोर्टः सत्य प्रकाश, रायपुर)