छत्तीसगढ़ में गुलाबी ठंड की दस्तक सरगुजा-बस्तर में गिरने लगा पारा, मैदानी इलाकों में पसीने छुड़ा रही गर्मी
छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद सुबह-शाम ठंड का असर बढ़ने लगा है. सरगुजा और बस्तर संभार के साथ ग्रामीण इलाकों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा है. प्रदेश में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है. खासकर सरगुजा और बस्तर संभाग के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गुलाबी ठंड का असर दिखने लगा है. पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं. रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ रही है. हालांकि, प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय अब भी गर्मी का असर बना हुआ है.
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 5 दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है. 23 अक्टूबर को भी पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है. राज्य के जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो, रायपुर के माना एयरपोर्ट पर अधिकतम 31.8°C और न्यूनतम 20.4°C तापमान दर्ज किया गया. वहीं बिलासपुर में अधिकतम 31.0°C और न्यूनतम 20.6°C रहा, पेंड्रा रोड में अधिकतम 31.6°C और न्यूनतम 17.0°C दर्ज किया गया. अंबिकापुर में अधिकतम 31.8°C और न्यूनतम 13.6°C रहा. जगदलपुर में अधिकतम तापमान 32.5°C और न्यूनतम 20.0°C में दर्ज किया गया. दुर्ग में अधिकतम 20.8°C और न्यूनतम 20.2°C रहा. राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 22.0°C दर्ज किया गया.
रायपुर रहा सबसे ज्यादा गर्म
वहीं गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान 33°C रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 13.6°C अंबिकापुर में दर्ज हुआ. इस दौरान राज्य में कहीं भी बारिश नहीं हुई. मौसम विभाग ने रायपुर शहर के लिए स्थानीय मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. 23 अक्टूबर को मौसम साफ रहने और अच्छी धूप खिलने की उम्मीद है. अधिकतम तापमान लगभग 33°C और न्यूनतम तापमान लगभग 22°C रहने का अनुमान है.
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती परिसंचरण
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ अंडमान द्वीप समूह के ऊपर एक अपर-एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन (ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण) बना है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है. जैसे-जैसे यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा, इसके और अधिक तीव्र होने की संभावना है.