छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होना है. इसके लिए कई नई परियोजनाओं को मंजूरी भी मिल गई है. इनमें मध्य प्रदेश के कटनी जिले और शहडोल से होकर पेंड्रा रोड तक चौथी रेल बिछाई जाएगी. पेंड्रा से बिलासपुर तक तसरी रेल लाइन शामिल की गई है. इसके साथ ही चांपा से कोरबा तक तीसरी रेल लाइन को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, प्रदेश में दो बड़े रेल कॉरिडोर भी विकसित किए जा रहे हैं. इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दी है.
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि प्रदेश में दो बड़े रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इनमें पहला खरसिया से नया रायपुर होते हुए परमलकसा तक और दूसरा कटघोरा से डोंगरगढ़ तक प्रस्तावित है. उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में झारसुगुड़ा, बिलासपुर और गोंदिया को जोड़ने वाले रेल मार्ग के उत्तर और दक्षिण में विकसित होने वाले ये दोनों कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का बड़ा पैमाने पर विस्तार करेंगे. इनके निर्माण से राज्य में कम से कम 100 ज्यादा ट्रेनें चलाने की क्षमता विकसित हो सकेगी.
उन्होंने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ के दो दूरस्त इलाकों को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. मंत्री ने बताया कि रायपुर से भिलाई और बालोद होते हुए दल्लीराजहरा तक पहले से रेल लाइन मौजूद है. अब दल्लीराजहरा से रावघाट तक नई रेल लाइन तैयार की गई है और रायपुर से रावघाट के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू हो गई है. इससे उत्तर बस्तर के कांकेर जिले के लोगों को रायपुर से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिली है. ये वह इलाके हैं, जहां से नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया गया है.
कुरूद तक रेल लाइन के बारे में मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि रायपुर से केंद्री और अभनपुर होते हुए कुरूद तक रेल लाइन का गेज परिवर्तन कर नए ट्रैक तैयार किए गए हैं. उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद रायपुर से कुरूद के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की गई है. जल्द ही इस ट्रेन सेवा को धमतरी तक विस्तारित किया जाएगा.
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साथ ही उन्होंने भिलाई से रावघाट तक की रेलवे परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि रावघाट से जगदलपुर तक रेल लाइन के वस्तार का काम भी शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि रायपुर से रावघाट और फिर जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित होने से बस्तर के अंदरी इलाकों को रेलवे नेटवर्क से कनेक्ट करने में काफी मदद मिलेगी. बता दें कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है. अब नक्सलवाद से मुक्ति के बाद इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं उभर रही हैं. आने वाले समय में यह रेल नेटवर्क कोरापुट के रास्ते विशाखापट्टनम से भी जुड़ेगा, जिससे बस्तर और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है.