चक्रवात 'अर्नब' से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, 8 प्वाइंट में समझिए पूरा प्लान
चक्रवात अर्नब निपटने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है. इसके लिए जिला कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. आइए आपको आसान भाषा में सभी जरूरी प्वाइंट को समझाते हैं.
देश में चक्रवात का असर दिखना शुरू हो गया है. चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी की तरफ से आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से चेतावनी दी गई है कि यह 27 अक्टूबर तक तूफान का रूप ले सकता है. मिली जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश से टकराने की उम्मीद है. साथ ही, 140 किमी प्रति घंटे के हिसाब से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. इसके असर से एमपी-यूपी समेत 10 राज्यों में बारिश की भी संभावना है.
इसको लेकर छत्तीसगढ़ में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेशवासियों को चक्रवात अर्नब के खतरे को लेकर 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सभी जिलों के कलेक्टरों को भी अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है. इतना ही नहीं, कई इलाकों में राहत शिविरों को 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.
रायपुर में बड़ी बैठक
दरअसरल, 26 अक्टूबर को रायपुर में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग रखी गई. इसमें चक्रवात अर्नब से निपटने के लिए कई अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, यह भी कहा गया है कि चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए.
बैठक में क्या खास?
इस बैठक का मेन मकसद फोकस शून्य जनहानि पर रहा है. अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कहा कि चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए और मौसम संबंधी चेतावनियों को पूरी गंभीरता से लिया जाए. इसके साथ ही खास कर दक्षिण बस्तर इलाके के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
24 घंटे राहत शिविर
इसके अलावा, तेज हवाएं चलने की आशंका वाले क्षेत्रों में 24 घंटे राहत शिविर संचालित रखने और सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, स्वास्थ्य सचिव को चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. साथ ही, गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
समझिए पूरा प्लान ?
1. 27 से 29 अक्टूबर तक एहतियात बरतने के निर्देश
2. सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा
3. बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर में खास सतर्कता
4. राहत शिविरों को 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश
5. गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश
6. किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करने के निर्देश
7. बिजली, दूरसंचार और सड़क सेवाएं सुचारू रखने के निर्देश
8. NDRF-SDRF की टीमों को अलर्ट पर रहने के निर्देश
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