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चक्रवात 'अर्नब' से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, 8 प्वाइंट में समझिए पूरा प्लान

चक्रवात अर्नब निपटने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है. इसके लिए जिला कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. आइए आपको आसान भाषा में सभी जरूरी प्वाइंट को समझाते हैं.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 26, 2026, 05:13 PM IST | Updated: Oct 26, 2026, 05:20 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
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देश में चक्रवात का असर दिखना शुरू हो गया है. चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी की तरफ से आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से चेतावनी दी गई है कि यह 27 अक्टूबर तक तूफान का रूप ले सकता है. मिली जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश से टकराने की उम्मीद है. साथ ही, 140 किमी प्रति घंटे के हिसाब से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. इसके असर से एमपी-यूपी समेत 10 राज्यों में बारिश की भी संभावना है.

इसको लेकर छत्तीसगढ़ में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेशवासियों को चक्रवात अर्नब के खतरे को लेकर 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सभी जिलों के कलेक्टरों को भी अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है. इतना ही नहीं, कई इलाकों में राहत शिविरों को 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.


रायपुर में बड़ी बैठक

दरअसरल, 26 अक्टूबर को रायपुर में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग रखी गई. इसमें चक्रवात अर्नब से निपटने के लिए कई अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, यह भी कहा गया है कि चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए.

बैठक में क्या खास?

इस बैठक का मेन मकसद फोकस शून्य जनहानि पर रहा है. अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कहा कि चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए और मौसम संबंधी चेतावनियों को पूरी गंभीरता से लिया जाए. इसके साथ ही खास कर दक्षिण बस्तर इलाके के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

24 घंटे राहत शिविर

इसके अलावा, तेज हवाएं चलने की आशंका वाले क्षेत्रों में 24 घंटे राहत शिविर संचालित रखने और सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, स्वास्थ्य सचिव को चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. साथ ही, गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

समझिए पूरा प्लान ?

1. 27 से 29 अक्टूबर तक एहतियात बरतने के निर्देश
2. सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा
3. बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर में खास सतर्कता
4. राहत शिविरों को 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश 
5. गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश
6. किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करने के निर्देश
7. बिजली, दूरसंचार और सड़क सेवाएं सुचारू रखने के निर्देश 
8. NDRF-SDRF की टीमों को अलर्ट पर रहने के निर्देश

ये भी पढ़ेंः बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का कहर: छत्तीसगढ़ में 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट, 140KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
 

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About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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