Chhattisgarh Bus Strike: छत्तीसगढ़ में थम जाएंगे 12000 बसों के पहिए! 22 सितंबर से अनिश्चितकाल हड़ताल की चेतावनी, 4.80 लाख यात्री होंगे प्रभावित
छत्तीसगढ़ में बस हड़ताल के ऐलान से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है. यातायात महासंघ ने 21 सितंबर तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने पर 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन बस संचालन बंद करने की चेतावनी दी है. इस स्थिति में राज्यभर में यात्री बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
छत्तीसगढ़ में बस से यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है. छत्तीसगढ़ यात्रायात महासंघ ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपा है. महासंघ ने मांगों पर कार्रवाई के लिए 21 सितंबर 2026 तक की समय सीमा तय की है. महासंघ का कहना है कि अगर तय समय तक मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो 22 सितंबर स प्रदेशभर में बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा. महासंघ की चेतावनी ने छत्तीसगढ़ में रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है. अगर हड़ताल होती है, तो राज्य भर के अलग-अलग शहरों और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली यात्री बस सेवाएं बाधित हो सकती हैं.
छत्तीसगढ़ में लगभग 12,000 यात्री बसें चलती हैं, जिससे रोजाना सफर करने वाले लगभग 4,80,000 लोगों को परेशानी होगी. हड़ताल से न सिर्फ लोकल रूट, बल्कि रायपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर को जोड़ने वाली लंबी दूरी की सेवाओं और दूसरे राज्यों में चलने वाली बसों पर भी असर पड़ सकता है. बस ऑपरेटरों के अनुसार, राज्य भर से बस मालिक, ऑपरेटर, स्टाफ और ट्रांसपोर्ट बिजनेस के मालिक हड़ताल में शामिल होंगे. नतीजतन, रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
बस ऑपरेटरों की मांग
- बस ऑपरेटरों ने यात्रियों के किराए में बढ़ोतरी की मांग की है.
- सिंगल-स्लीपर बसों के लिए एक समान टैक्स सिस्टम की मांग की गई है. ऑपरेटरों का कहना है कि, इन गाड़ियों के लिए टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की जरूरत है.
- ऑपरेटरों ने मांग की है कि ई-बसों का संचालन शहर की सीमाओं तक ही सीमित रखा जाए ताकि, मौजूदा बस ऑपरेटरों के कारोबार पर बुरा असर न पड़े.
- ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों को ग्रामीण इलाकों और तय बस स्टैंडों पर चलने से रोकने की मांग की गई है.
- ऑपरेटरों ने व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार स्टेज कैरिज बस ट्रिप के बीच एक निश्चित समय अंतराल तय करने की मांग की है.
- बसों में लगे VLTD ( Vehicle Location Tracking Device) डिवाइस के रिन्यूअल चार्ज को कम करने की मांग की गई है.
- ऑपरेटरों ने गाड़ी की फिटनेस जांच प्रक्रिया के दौरान मैनुअल फिटनेस सर्टिफिकेशन की अनुमति मांगी है.
- काउंटरसिग्नेचर प्रक्रिया को रेगुलेट करना भी बस ऑपरेटरों की मुख्य मांगों में शामिल है.
- परमिट पाने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू करने की मांग की गई है, ताकि सभी बस ऑपरेटरों के लिए परमिट प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो सके.
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