बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का महापर्व विजयादशमी को लेकर पूरे देश में धूम मची हुई है. इस अवसर पर बुराई के प्रतीक के रूप में रावण का दहन किया जाएगा. वहीं छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कहे जाने वाले कोरबा में भी रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
शहर के अलग-अलग इलाकों में दशानन के पुतले बनाकर खड़े किए जा चुके हैं, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम के दर्री के लाल मैदान की हो रही है. जहां पर प्रदेश का सबसे बड़ा रावण का पुतला तैयार किया गया है. इस पुतले की ऊंचाई 120 फीट ऊंची बताई जा रही है.
लाल मैदान में आसमान छूता यह पुतला अहंकार के अंत का गवाह बनने जा रहा है. बता दें कि कोरबा के दर्री स्थित लाल मैदान में हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम के अधिकारी-कर्मचारियों की तरफ से 120 फीट ऊंचा रावण तैयार किया गया है.
यहां के आयोजकों का दावा है कि कद और भव्यता के मामले में यह पूरे प्रदेश का सबसे बड़ा रावण है. इस 120 फीट ऊंचे रावण की खासियत सिर्फ उसकी ऊंचाई नहीं, बल्कि इसका खौफनाक और जीवंत अंदाज है. प्रदेश का सबसे बड़ा रावण लाल चमकती आंखें, जो रात के अधंरे में दर्शकों में सिहरन पैदा करेंगी.
छत्तीसगढ़ के सबसे ऊंचे रावण की एक और खासियत है, कि दहन से पहले यह चारों दिशाओं में अपना सिर घुमाकर भयानक अट्टहास भी करेगी. जिसे देखकर मैदान में मौजूद हर दर्शक दांतों तले उंगली दबा लेंगे. इसके अलावा, यहां पर करीब एक घंटे तक चलने वाली भव्य आतिशबाजी आयोजन की मुख्य आकर्षण होगी.
मिली जानकारी के मुताबिक, भारी भीड़ की आशंका के चलते आयोजन समिति और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं. ताकि त्योहार का उल्लास पूरी तरह से सुरक्षित और यादगार बन सके. दर्री के लाल मैदान में खड़े यह 120 फीट का खड़ा यह रावण कुछ ही मिनटों में राख में तब्दील हो जाएगा.