शिक्षा, सड़क, रेलवे, हवाई से लेकर स्वास्थ तक… नक्सलवाद खात्मे के बाद कितना बदला बस्तर? छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ने विस्तार से बताया
छत्तीसगढ़ के मंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने बस्तर इलाके की बदलती तस्वीर को लेकर भी कई बातें कहीं. इसके अलावा, उन्होंने नक्सलियों को कांग्रेस का रोल मॉडल क्यों कहा? आइए आपको विस्तार से बताते हैं.
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री और बस्तर इलाके के दिग्गज नेता माने जाने वाले केदार कश्यप ने ZEE NEWS टीम से खास बातचीत के दौरान बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस सरकार से लेकर नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ तक समेत कई मुद्दों पर बात की है. उन्होंने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उसकी प्राथमिकता के बारे में भी बताया.
ZEE News पर मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी ने लंबे समय तक केंद्र और राज्य में सरकार चलाई है. लेकिन कांग्रेस की प्राथमिकता में कभी बस्तर नहीं रहा है. उन्होंने अपने समुदाय के बारे में भी जिक्र करते हुए कहा कि न कभी जनजाति समुदाय से रही है. उन्होंने कहा कि मैं जनजाति समुदाय से हूं.
कांग्रेस पार्टी के रोल मॉडल
वहीं उन्होंने नक्सलियों का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सली तो कांग्रेस पार्टी के रोल मॉडल हैं. उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने कभी भी नक्सलवाद को खात्मे को लेकर कभी काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि जिनके नेताओं को जिस हिडमा ने गोलियों से भून डाला, कई नेता मारे भी गए थे. उनकी डेड बॉडी पर पेशाब भी की. उन पर खड़े होकर नाचे, लेकिन वो उनके रोल मॉडल हैं.
बस्तर नक्सलवाद से मुक्त
मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि आज हमारा क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है. इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, खासकर उन जवानों, सभी पैरामिलिट्री फोर्स का धन्यवाद करते हैं. इन लोगों की इच्छाशक्ति के कारण बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो पाया है.
बस्तर की बदल रही तस्वीर
वहीं बस्तर की बदलती तस्वीर को लेकर भी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अब बस्तर पूरी तरह से बदल रहा है. शिक्षा के क्षेत्र, रोड, रेलवे, हवाई, नेट कनेक्टिविटी से लेकर स्वास्थय क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स एक्टिविटी में लगातार हमारे बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. अब हमारे बच्चों को मंच भी मिल रहा है. साथ अवसर भी मिल रहे हैं. उन्होंने कहा, जो कभी किसी सरकार ने नहीं किया है.
घर से निकलना मुश्किल था
केदार कश्यप का कहना है कि पहले तो हम अपने क्षेत्र तक पहुंच ही नहीं पाते थे. घर से निकलना, मेरा तो कई वर्षों तक घर पहुंचना भी मुश्किल हो गया था. उन्होंने कहा कि अब उन क्षेत्रों में हम बड़े सुगमता, पूरे निर्भीकता के उन पूरे इलाकों में घूमते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने नौनिहालों का जिक्र करते हुए बताया कि निश्चिंत होकर अपने स्कूल की ओर जाते हैं.