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बस्तर में बाढ़ के बीच बड़ा रेस्क्यू, MI-17 से 18 लोगों का एयरलिफ्ट, इंद्रावती का जलस्तर घटा

बस्तर के डोंगाघाट में बाढ़ के बीच वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से 18 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया. जिले में अब तक 1200 से अधिक लोगों का रेस्क्यू हुआ है. इंद्रावती का जलस्तर घटा है, लेकिन निचले इलाकों में खतरा अभी बरकरार है.

बस्तर में बाढ़ के बीच बड़ा रेस्क्यू, MI-17 से 18 लोगों का एयरलिफ्ट, इंद्रावती का जलस्तर घटा
Image Credit: Zee Media

जगदलपुर में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर रविवार को भी देखने को मिला. इंद्रावती नदी पिछले 4 दिनों से डोंगाघाट को चपेट में लिए थी. रविवार को भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. बाढ़ में फंसे 18 लोगों को वायुसेना के जवानों ने सुरक्षित एयरलिफ्ट कर बाहर निकाला. इससे डोंगाघाट के लोगों को बड़ी राहत मिली और प्रशासन की बचाव मुहिम भी लगातार जारी रही. रविवार को मौसम खुलने के बावजूद बाढ़ का असर कई इलाकों में बना रहा.

बस्तर जिले में SDRF, होम गार्ड, राजस्व और बस्तर पुलिस ने अब तक 1200 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया है. जिले के 65 राहत शिविरों में तकरीबन 9 हजार से अधिक लोगों को रखा गया है. बारिश नहीं हुई, जिससे हालात सुधरे. काकड़ी घाट में मार्कंडे नदी का जल स्तर घटने से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर यातायात सामान्य हुआ. जगदलपुर से रायपुर के बीच आवागमन बहाल होने से राहगीरों ने राहत की सांस ली. प्रशासन प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचा रहा है.

नारंगी नदी का जलस्तर भी घटा
नारंगी नदी का जल स्तर भी कम हुआ है. इसके चलते मुंडागांव पुल पर आवाजाही सामान्य हो गई. इंद्रावती नदी का जल स्तर भी धीरे-धीरे घट रहा है. हालांकि, जगदलपुर की निचली बस्तियों और इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में स्थिति अभी गंभीर है. प्रशासन बस्तर बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है. राहत दल जरूरत के मुताबिक अलग-अलग इलाकों में पहुंच रहे हैं. लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. परिवारों को सतर्क रहने कहा गया है.

इंद्रावती का जलस्तर धीरे-धीरे घटा
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि बाढ़ राहत का काम लगातार चल रहा है. उनके मुताबिक, इंद्रावती नदी का जल स्तर कल रात 12.39 मीटर था, जो अब घटकर 12.2 मीटर हो गया है. कलेक्टर का कहना है कि पानी घटने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है. प्रशासन की टीमें हालात पर नजर रख रही हैं. निचले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देकर राहत कार्य जारी है. अब पानी घटने का क्रम राहत की बात है.

रातभर अलग-अलग जगह रेस्क्यू जारी रहेगा
कलेक्टर आकाश छिकारा ने आगे बताया कि रातभर रेस्क्यू प्रोग्राम जारी रहेगा. कुम्हाघाट, धोकापाल और अलग-अलग जगहों पर बचाव अभियान लगातार चल रहा है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर लगभग 7,300 लोग शिविरों में रह रहे हैं. प्रशासन शिविरों में लोगों को सभी सुविधाएं देने के लिए काम कर रहा है. बस्तर में राहत दल संवेदनशील इलाकों में सक्रिय हैं. जरूरत पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है.

बस्तर में हालात पर प्रशासन की नजर
बस्तर में पानी उतरने के संकेत से प्रशासन और ग्रामीणों को राहत मिली है, लेकिन इंद्रावती नदी के आसपास निचले इलाकों में हालात अभी गंभीर हैं. डोंगाघाट में एमआई-17 से 18 लोगों का एयरलिफ्ट रेस्क्यू हुआ. जिले में 1200 से अधिक लोगों को बचाया गया है. राहत शिविरों में हजारों लोग रह रहे हैं. प्रशासन जल स्तर, आवागमन और प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रहा है.

(रिपोर्टः अनूप अवस्थी, बस्तर)
 

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Manish Kushawah

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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