SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नियमों में बड़ा फेरबदल: अब एग्रीस्टैक पंजीयन हुआ अनिवार्य, जानिए पूरी डिटेल्स

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में AgriStack के तहत जमीन से जुड़े हर स्टेकहोल्डर के लिए एक डिजिटल ID बनाई जाएगी और धान बेचने से पहले उन सभी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा. पूरी जानकारी नीचे दी गई है...

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 21, 2026, 09:08 AM IST | Updated: Sep 21, 2026, 09:16 AM IST
Image Credit: AI जनरेटेड फोटो
Join

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान की सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने और असली किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए एग्रीस्टैक के तहत एक नया नियम लागू किया है. इस नई व्यवस्था के तहत, संयुक्त जमीन के मालिकों (co-holders) के लिए अपना धान बेचने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी हो गया है. संयुक्त जमीन के हर मालिक के लिए एक अलग डिजिटल ID बनाई जाएगी. जो किसान एग्रीस्टैक (AgriStack) पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं होंगे, उनकी फसल सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी जाएगी. 

31 अक्टूबर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख
सरकार ने एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की है. तय समय सीमा के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के साथ-साथ किसानों को संयुक्त जमीन में शामिल अन्य हिस्सेदारों का रजिस्ट्रेशन भी सुनिश्चित करना होगा. अगर रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं होता है, तो सरकारी खरीद प्रणाली में उपज बेचने में दिक्कतें आ सकती हैं.

सक्ती जिले में सबसे अधिक पंजीयन लंबित
पंजीयन अभियान की स्थिति देखें तो राज्य के 17 जिलों में तय लक्ष्य से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इनमें बालोद जिले में लक्ष्य से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जबकि सक्ती जिले में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन पेंडिंग हैं. किसानों और उनकी जमीन की जानकारी को एग्रीस्टैक (AgriStack) के जरिए डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जा रहा है. ऐसे में धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए 31 अक्टूबर की समय सीमा काफी महत्वपूर्ण है. संयुक्त जमीन वाले किसानों को विशेष रूप से अपने सभी हिस्सेदारों का पंजीयन समय पर पूरा कराना होगा.

इससे क्या फायदा होगा
एग्रीस्टैक में सह-खातेदारों का पंजीयन होने से पुश्तैनी जमीन में हर हिस्सेदार की अलग पहचान बनेगी. इससे पता चलेगा कि किस खाते-खसरे में कितने हिस्सेदार हैं. डिजिटल रिकॉर्ड बनने से दोहरा पंजीयन और एक ही जमीन पर दो बार सरकारी योजना का लाभ लेने जैसी गड़बड़ी पकड़ी जा सकेगी. इसका एक और फायदा यह होगा कि सह-खातेदार का नाम भी रिकॉर्ड में आएगा, जिससे फसल बेचने के लिए उसकी सहमति जरूरी होगी.

क्या है एग्रीस्टैक? 
एग्रीस्टैक भारत सरकार की एक अहम डिजिटल पहल है. इसका मकसद कृषि क्षेत्र को डिजिटल टेक्नोलॉजी से जोड़ना है, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं और क्रेडिट सुविधाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ मिल सके. इस पहल के तहत किसान की पहचान को उनके जमीन के रिकॉर्ड से जोड़कर एक यूनिक किसान ID बनाई जाती है. इससे यह पक्का करने में मदद मिलती है कि सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचे.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES