दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ के 4670 परिवारों को पक्के मकान का तोहफा! केंद्र सरकार ने PMAY 2.0 के तहत दी मंजूरी
दिवाली के पावन अवसर पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में नए आवासों के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दी है.
पीएम नरेंद्र मोदी के 'सबके लिए आवास' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के बेघर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है. सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के 4,670 परिवारों को पक्के मकान की सौगात दी है. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने राज्य के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में इन नए आवासों के निर्माण को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है.
इस नई स्वीकृति के साथ ही राज्य में बेनेफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक के तहत स्वीकृत मकानों की संख्या बढ़कर 60,623 तक पहुंच गई है, जबकि BLC और एएचपी (AHP) दोनों योजनाओं को मिलाकर अब तक कुल 76,086 गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो चुका है.
सरकार हर पात्र को छत मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवीन स्वीकृतियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ में धरातल पर तेजी से साकार किया जा रहा है. उन्होंने सभी लाभार्थी परिवारों को बधाई दी और कहा कि 4,670 नए आवासों की स्वीकृति से हजारों शहरी गरीब परिवारों के अपने पक्के घर का सपना पूरा होगा. राज्य सरकार हर पात्र परिवार को छत मुहैया कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और दीपावली पर मिली यह सौगात उन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है जो अपने घर में खुशियों के दीप जलाने का सपना संजोए हुए थे.
नए आवासों के निर्माण में गति लाने के निर्देश: डिप्टी सीएम अरुण साव
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने इस स्वीकृति को प्रदेश के नगरीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सभी हितग्राही परिवारों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने संबंधित 84 नगरीय निकायों को सख्त निर्देश दिए कि नए आवासों के निर्माण में गति लाई जाए और हितग्राहियों को हर संभव प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाए. उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का अंतिम लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हर शहरी गरीब को उसका अपना घर दिलाना है, ताकि वे भी अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन बिता सकें.