इस बार दिवाली, महंगी वाली: घर से लेकर कार तक महंगाई की मार, RBI देगा रेपो रेट का डबल झटका
Home Loan: फेस्टिव सीजन में महंगे होम लोन, कार लोन का झटका लगने वाला है. दिसंबर जाते-जाते ये बोझ और बढ़ जाएगा. खाड़ी युद्ध का तनाव अब आपके जेब और बैंक बैलेंस तक पहुंचने वाला है.
RBI REPO RATE: पश्चिम एशिया संघर्ष की आग आपके घर तो पहुंच ही चुकी है, बहुत ही जल्द ये आग आपके बैंक खाते तक पहुंचने वाली है. अमेरिका और जापान के सेंट्रल बैंक ने हाल ही में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है. अब भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी है.
5 से 7 अक्टूबर के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक होने वाली है, जिसमें रेपो रेट पर मंथन होगा. इस मीटिंग से पहले आई रिपोर्ट ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी है. खासकर जिन लोगों ने होम लोन या कोर लोन लिया है, उनकी चिंता और बढ़ गई है. जिस रफ्तार से महंगाई के आंकड़े बढ़ रहे हैं, उसे काबू में लाने के लिए रिजर्व बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है.
इन रिपोर्ट्स ने बढ़ाई चिंता
HSBC ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि अक्टूबर और दिसंबर में होने वाली MPC मीटिंग में रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी कर सकता है. मौजूदा रेपो रेट 5.25% है, अगर HSBC का अनुमान सही निकला, तो दिसंबर तक ये 5.75% पर पहुंच जाएगा.
इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का भी अनुमान है कि RBI रेपो रेट में दिसबंर तक कुल मिलाकर 50 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.50% तक की बढ़ोतरी कर सकता है. नोमुरा के अनुमान के मुताबिक FY27 में भारत की रिटेल महंगाई 5.2% रहेगी, जबकि FY28 में यह घटकर 4% तक पहुंच सकती है. अगस्त में भारत में महंगाई दर 4.45% से बढ़कर 4.82% हो गई. हालांकि Nomura ने उन अनुमानों को गलत बताया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ब्याज दरों में 125 बेसिस अंक की बढ़ोतरी हो सकती है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अक्टूबर में रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावना है. 61 में से 35 अर्थशास्त्रियों ने माना है कि रेपो रेट में बढ़ोतरी हो सकती है. ब्याज दर को 0.25% बढ़ाकर 5.50% किया जा सकता है.
होम लोन की बढ़ेगी EMI
RBI की ओर से रेपो रेट बढ़ने का सीधा कनेक्शन आपके लोन की EMI से हैं. रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता है और बैंक कर्ज की ब्याज दरों को बढ़ाकर होम लोन, कार लोन महंगा कर देते हैं. नए और पुराने दोनों लोन की EMI बढ़ जाती है. रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर रिजर्व बैंत कमर्शियल बैंकों को लोन देता है. इसकी ब्याज दर बढ़ने से बैंक के लिए कर्ज महंगा हो जाता है. जिसका फाइनली बोझ आम लोगों तक पहुंचता है.
रिजर्व बैंक ब्याज दर बढ़ाकर महंगाई को कैसे कंट्रोल करता है?
रिजर्व बैंक के सामने देश में महंगाई को नियंत्रित रखने की चुनौती होती है. खाड़ी युद्ध और बढ़ते तेल की कीमत की वजह से से देश में महंगाई बढ़ रही है. ऐसे में रिजर्व बैंक ब्याज दर को बढ़ाकर बाजार में पैसे का फ्लो कंट्रोल कर देती है. लोगों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है. पैसे का फ्लो बाजार में मांग को नियंत्रित कर महंगाई को कंट्रोल करता है.