India-US Trade deal: भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील पर सस्पेंस बरकरार है. लंबे वक्त से बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक डील पर सहमति नहीं बन पाई है 17 अक्टूबर को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंच रहे हैं. 22 अक्टूबर तक वो भारत में रहेंगे. इस दौरान ट्रेड डील, तेल और रणनीतिक रिश्तों पर अहम बातचीत हो सकती है.
ट्रेड डील पर क्या बोले एस जयशंकर
एक तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौर पर आ रहे हैं, दूसरी तरफ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस डील को लेकर बड़ी बात कही है. ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देश ट्रेड डील फाइनल करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. इस डील के लिए अमेरिका भी बदल रहा है. अब दोनों देशों के बीच बातचीत ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां से समझौते की राह साफ हो सकती है.
कुछ मुद्दों पर अभी भी दोनों के बीच सहमति नहीं बनी है, जिसपर अमेरिका और भारत के अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका दुनियाभर के देशों के साथ रिश्तों और आर्थिक जुड़ाव का तरीका बदल दिया है. अमेरिकी बाजार तक पहुंच की शर्तों को वो नया मोड़ दे रहा है. भारत साफ कर चुका है कि अमेरिका के साथ डील के लिए वो किसी दवाब में आना वाला नहीं है.
अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत दौरा क्यों है खास ?
भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस डील को अहम मोड़ पर पहुंच सकते हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत हो सकती है. टैरिफ से जुड़े मतभेद दूर करने पर चर्चा हो सकती है. भारत के साथ तेल जरूरतों और ऊर्जा आपूर्ति में सहयोग पर चर्चा पर जोर होगा. दोनों देशों के बीच कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश होगी. बीते कुछ दिनों से टैरिफ, ट्रेड , वीजा विवाद को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है. इस दौरे को लेकर दोनों देश सकारात्मक रूख रखकर बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं.