रूस के बिना AI का बादशाह नहीं बन पाएगा अमेरिका, डीजल के बाद अब एक और बड़ा समौझात करने जा रहे ट्रंप
रूसी और अमेरिकी अधिकारी डीजल समझौते के बाद अब छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) सहित रूसी परमाणु ऊर्जा से चलने वाले संयुक्त डेटा सेंटरों के निर्माण पर चर्चा कर रहे हैं.
US-Russia Relations : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष निवेश दूत और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के प्रमुख किरिल दिमित्रीव (Kirill Dmitriev) ने घोषणा की है कि रूस और अमेरिका एक बड़े समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं. दिमित्रीव ने बताया कि इस बातचीत में रूसी परमाणु ऊर्जा से चलने वाले संयुक्त डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है. ये प्रस्ताव हाल ही में हुए डीजल समझौते के बाद आया है और इसे अमेरिका के साथ आर्थिक संबंधों को और गहरा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
17 अक्टूबर को दिमित्रीव ने बताया था कि शुरुआती बातचीत में आधुनिक डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए रूसी परमाणु ऊर्जा प्लांट्स (जिसमें छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर भी शामिल हैं) से उत्पन्न बिजली के इस्तेमाल पर चर्चा की गई है.
बातचीत जारी रहने के बावजूद अभी भी कई बड़ी रुकावटें हैं
दिमित्रीव ने संकेत दिया कि हाल ही में हुए डीजल समझौते के अलावा, रूस और अमेरिका जल्द ही कुछ और घोषणाएं कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष डेटा सेंटरों पर मिलकर काम करने की संभावना तलाश रहे हैं. इनमें से कुछ छोटे स्तर के परमाणु ऊर्जा प्लांट्स से संचालित हो सकते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि यूक्रेन में मॉस्को के 'विशेष सैन्य अभियान' के खत्म होने से पहले इन पहलों को शुरू किया जा सकता है. हालांकि, अभी भी कई बाधाएं बनी हुई हैं.
उन्होंने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' (रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून) की भी आलोचना की. पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साइन किये गए इस कानून का उद्देश्य भारी शुल्क (टैरिफ) और व्यापार प्रतिबंधों के जरिए रूस की एनर्जी से होने वाली कमाई को कम करना है. दिमित्रीव ने इन आरोपों को गलत और गुमराह करने वाला बताकर खारिज कर दिया.
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रूसी तेल के लिए छूट
हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत 'रूस और ईरान प्रतिबंध कानून 2026' के तहत लगाए गए प्रमुख प्रतिबंधों, शुल्कों और व्यापार पाबंदियों में छूट दी गई है. इस कानून में रूसी ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख वैश्विक खरीदारों पर 100% तक शुल्क लगाने का प्रावधान था. हालांकि, प्रशासन ने इन प्रतिबंधों में छूट देने का आधार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों को बताया है.
रूस-अमेरिका डीजल में क्या हुआ?
अमेरिका ने ईंधन की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए रूस से 300,000 टन से अधिक डीजल खरीदने का समझौता किया है. इस समझौते के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल से जुड़े लेन-देन की अनुमति देने के लिए एक अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया है.