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रेलवे से पेट्रोल पंप और इंश्योरेंस से यूटीलिटी बिल तक...ऐसे UPI ट्रांजेक्शन, जहां देना होगा बस ₹5 MDR

UPI MDR: एनपीसीआई ने 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर एमडीआर फ्रेमवर्क लागू करने के साथ ही एक और एक फ्लैट रेट मॉडल सिस्टम भी पेश किया है. इसके तहत आपका ट्रांजेक्शन यदि 50,000 रुपये का भी है तब भी मर्चेंट को केवल 5 रुपये के एमडीआर का ही भुगतान करना होगा.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Sep 16, 2026, 09:44 AM IST | Updated: Sep 16, 2026, 09:49 AM IST
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What is UPI MDR Flat Rate Model: सरकार की तरफ से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर नए एमडीआर (MDR) फ्रेमवर्क का ऐलान कर दिया है. इसको लेकर एनपीसीआई और आरबीआई ने पूरी डिटेल शेयर कर दी है. नए नियम के अनुसार 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 0.4% का एमडीआर (MDR) देना होगा. हालांकि, यह चार्ज हर ट्रांजेक्शन पर नहीं लगेगा, यह केवल पर्सन टू मर्चेंट (P2M) ट्रांजेक्शन पर ही देय होगा. यानी आप अपने दोस्त या रिश्तेदार की जरूरत में पैसा ट्रांसफर करते हैं तो किसी को भी कोई एमडीआर (MDR) नहीं देना होगा. लेकिन यदि आप एनपीसीआई (NPCI) की तरफ से जारी किये गए सर्कुलर को देखें तो सभी तरह के ट्रांजेक्शन पर एक जैसा एमडीआर लागू नहीं होगा.

सरकार ने एमडीआर को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा है, उसी हिसाब से राहत भी दी गई है. एनपीसीआई (NPCI) ने पांच तरह के यूपीआई पेमेंट को फ्लैट रेट मॉडल (UPI MDR Flat Rate Model) के तहत रखा है. इसका सीधा सा मतबल यह है कि पेमेंट कितना भी हो, लेकिन मर्चेंट को एक ही तय चार्ज देना होगा. सर्कुलर में यह साफ किया गया कि सभी कारोबारियों पर एक समान MDR रेट लागू नहीं होगी. सरकार ने बिजनेस की नेचर और मार्जिन को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कैटेगरी में बांटा है. इससे उच्च राशि वाले लेकिन कम मार्जिन वाले कारोबार को नुकसान से बचाया जा सकेगा. इस सिस्टम को बनाए रखने के लिए 5 स्पेशल UPI पेमेंट कैटेरगी को फ्लैट-रेट मॉडल के तहत रखा गया है.

15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

फ्लैट-रेट मॉडल में शामिल कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि उनसे प्रतिशत के हिसाब से चार्ज नहीं लिया जाएगा. अगले महीने की 15 तारीख से लागू होने वाले इस नियम के तहत तय 5 कैटेगरी में प्रति ट्रांजेक्शन केवल 5 रुपये का चार्ज लिया जाएगा. इस नियम के अनुसार ट्रांजेक्शन 2001 रुपये का हो गया फिर 10000 रुपये का, मर्चेंट को एमडीआर सिर्फ 5 रुपये देना होगा. यह फैसला ऐसे सेक्टर में काम करने वाले कारोबारियें के लिए अहम है, जहां पेमेंट की राशि तो बड़ी होती है लेकिन उनका मार्जिन कम होता है.

फ्लैट-रेट मॉडल का फायदा

फ्लैट रेट मॉडल का फायदा सीधे तौर पर ऐसे सेक्टर को मिलेगा, जहां ट्रांजेक्शन अमाउंट तो बड़ा होता है लेकिन वहां पर मार्जिन रेश्यो काफी कम होता है. आप मॉडल का फायदा इस तरह समझ सकते हैं यदि कोई कस्टमर किसी मर्चेंट को 20,000 रुपये का UPI करता है तो 0.4 प्रतिशत MDR के हिसाब से 80 रुपये एमडीआर बनता है. लेकिन यदि इस अमाउंट को फ्लैट रेट मॉडल के हिसाब से देखें तो मर्चेंट को केवल 5 रुपये ही एमडीआर देना होगा. यानी इस नियम से मर्चेंट को बड़ा फायदा होने वाला है.

फ्लैट-रेट मॉडल कैटेगरी में शामिल होंगे ये 5 ट्रांजेक्शन

यूपीआई पेमेंट एमडीआर में फ्लैट रेट मॉडल के तहत कौन-कौन से लेनदेन को शामिल किया गया है. आइए जानते हैं पूरी डिटेल-

पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट: पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4% का मानक MDR नहीं लगेगा. इसके बजाय यहां प्रति ट्रांजेक्शन केवल 5 रुपये का फ्लैट MDR तय है. इस नियम का मकसद फ्यूल रिटेलर्स के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन की लागत को कम रखना और उन्हें UPI लेने के लिए प्रोत्साहित करना है.

रेलवे टिकट बुकिंग: रेलवे को भी 5 रुपये वाले फ्लैट-रेट मॉडल में रखा गया है. ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर 5 रुपये का फिक्स्ड MDR लगेगा. राहत की बात यह है कि इसका फाइनेंशियल बोझ यात्रियों पर नहीं डाला जाएगा. ग्राहकों से किसी तरह का कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा और यह चार्ज रेलवे खुद वहन करेगा.

इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान: UPI के जरिये यदि आप इंश्योरेंस कराते हैं तो प्रीमियम भरने पर भी 5 रुपये का फिक्स्ड MDR लागू होगा. सरकार ने इंश्योरेंस सेक्टर को राहत देने के लिए इसे स्पेशल कैटेगरी में शामिल किया है. बीमा की राशि या प्रीमियम 10,000 हो या 50,000 रुपये. बीमा कंपनी को केवल 5 रुपये का एमडीआर ही चुकाना होगा.

टेलीकॉम सर्विस और रिचार्ज: टेलीकॉम सेक्टर में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लागू है. यूजर का मोबाइल रिचार्ज या टेलीकॉम बिल कितना भी क्यों न हो, संबंधित टेलीकॉम कंपनी को प्रति UPI ट्रांजेक्शन केवल 5 रुपये का तय MDR ही देना पड़ेगा.

बिजली, पानी और गैस के बिल: बिजली, नगर पालिका के पानी और पीएनजी (PNG) जैसी यूटिलिटी सर्विस को भी इसी फिक्स्ड MDR के दायरे में रखा गया है. यदि बिल की राशि 2,000 रुपये से ज्यादा है और उसका पेमेंट यूपीआई (UPI ) से किया जाता है तो संबंधित विभाग या कंपनी से हर ट्रांजेक्शन पर 5 रुपये लिये जाएंगे.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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