केंद्र सरकार की तरफ से कई तरह की स्मॉल सेविंग स्कीम का संचालन किया जाता है. इन योजनाओं में बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी है. इस योजना के तह शानदार ब्याज के साथ ही आपको टैक्स छूट भी मिलती है. सरकार की इस बचत योजना को परिवार की अधिकतम 2 बेटियों के लिये खोला जा सकता है. लेकिन यदि किसी परिवार में तीन बेटियां या पहली बेटी के बाद जुड़वां बेटियां हो जाएं तो क्या होगा? क्या इस स्थिति में तीसरी बेटी योजना के फायदे से वंचित रह जाएगी? फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस संबंध में बेहद अहम नियम तय किये हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि तीन बेटियों के मामले में सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ा क्या नियम है?
सरकार की तरफ से बेटियों के लिए संचालित की जाने वाली योजना का मकसद बेटियों की पढ़ाई, शादी और फाइनेंशियल जरूरतों के बड़ा फंड तैयार करना है. इसके तहत आप अपनी बेटियों के लिए 2.15 करोड़ रुपये तक का फंड तैयार कर सकते हैं. सामान्य नियम यह है कि माता-पिता या कानूनी अभिभावक बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक कभी भी इस अकाउंट को खुलवा सकते हैं. एक परिवार में केवल दो बेटियों के लिए इस खाते को खोलने की अनुमति है. इसके साथ ही खाता खोलते समय और मैच्योरिटी तक बेटी का भारतीय होना जरूरी है.
फाइनेंस मिनिस्ट्री के नियम के अनुसार दो अकाउंट की लिमिट को खासतौर पर छूट दी गई है. अगर किसी फैमिली में एक साथ जुड़वां (Twins) या तीन (Triplets) बेटियां जन्म लेती हैं तो तीसरी बेटी के लिए भी सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है. सरकार की तरफ से दी जाने वाली यह छूट बेटियों के जन्म के आधार पर तय होती है और उसी पर निर्भर करती है.
यदि आपकी पहली डिलीवरी में तीन (ट्रिपल) बेटियां पैदा होती हैं तो तीनों का खाता खोला जा सकता है. इसके अलावा, यदि पहली डिलीवरी में एक बेटी हुई और दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बेटियां हुईं तो भी तीसरी बेटी का SSY खाता खुल जाएगा. लेकिन यदि किसी परिवार में पहले जुड़वां बेटियां हुई हैं और उसके बाद अगली डिलीवरी के दौरान एक और बेटी जन्म लेती है तो उस हालात में तीसरी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि अकाउंट नहीं खोला जा सकता. यदि आप जुड़वां या तीन बेटियों के आधार पर तीसरा सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोलना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा. इस सर्टिफिकेट से यह साबित किया जा सकेगा कि बेटियों का जन्म एक साथ जुड़वां या ट्रिपल के रूप में हुआ है.
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में सालाना एक अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किये जा सकते हैं. यदि कोई माता-पिता बेटी के 10 साल की उम्र तक पहुंचने से लेकर 21 साल की मैच्योरिटी तक हर साल 1.5 लाख रुपये का अधिकतम निवेश करता है तो 8.2% के सालाना ब्याज से एक अकाउंट की मैच्योरिटी वैल्यू करीब 71.82 लाख रुपये बनती है. इसमें 22.5 लाख रुपये का कुल निवेश और 49.32 लाख रुपये का ब्याज शामिल होता है. यदि इसी तरह तीनों बेटियों के अकाउंट में अधिकतम निवेश किया जाए तो कुल मैच्योरिटी अमाउंट करीब 2.15 करोड़ रुपये होता है. इस अकाउंट को आप महज 250 रुपये के न्यूनतम डिपॉजिट से खोल सकते हैं.