दलाल स्ट्रीट पर ब्लैक थर्सडे! सेंसेक्स 460 और निफ्टी 125 अंक टूटा; निवेशकों के 3 लाख करोड़ खाक
देश के स्टॉक मार्केट में गुरुवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा. सेंसेक्स के 460 अंक टूटने के बाद निवेशकों के करीब 3 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई पर कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया.
मिडिल ईस्ट में जंग और क्रूड ऑयल में तेजी की आंच से शेयर बाजार भी बाहर नहीं निकल पा रहा. घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भी बिकवाली का दौर जारी रहा और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों नीचे आ गए. कारोबारी सत्र के शुरुआती एक घंटे के दौरान ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 460 अंक से ज्यादा टूटकर 73,249 के लेवल पर आ गया. दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 124 अंक गिरकर 22,688 के लेवल पर देखा गया. बाजार में आई भारी गिरावट के कारण बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ घटकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया.
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
गुरुवार सुबह से ही एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, पावर ग्रिड, ट्रेंट और एशियन पेंट्स जैसे दिग्गज शेयर में बिकवाली देखी जा रही है. जिससे ये शेयर एक से लेकर 3 फीसदी तक टूट गए. दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक, सन फार्मा और ICICI बैंक जैसे कुछ शेयर में मामूली बढ़त देखने को मिली. लेकिन इन शेयर में आई तेजी भी बाजार को संभाल नहीं सकी. स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में 1 फसदी के करीब की गिरावट देखी जा रही है. आइए जानते हैं शेयर बाजार में गिरावट के कारण-
क्रूड ऑयल के दाम में तेजी
शेयर बाजार में आई गिरावट का बड़ा कारण क्रूड ऑयल के दाम में आया उछाल है. सऊदी अरामको के ऑयलफील्ड पर ड्रोन अटैक के बाद वेस्ट एशिया में तनाव काफभ् बढ़ गया है. इस कारण ब्रेंट क्रूड के दाम 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 113 डॉलर के पार पहुंच गए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रही टेंशन से तेल सप्लाई का खतरा मंडरा रहा है. इसका सीधा असर देश की इकोनॉमी और शेयर बाजार पर देखा जा रहा है.
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कमजोर ग्लोबल संकेत
आज इंडियन स्टॉक मार्केट के अलावा दुनिया के दूसरे बाजारों में भी गिरावट देखी गई. दुनियाभर के दूसरे बाजार में गिरावट दिखाई देने का असर भारतीय बाजार में भी देखा गया. चीन का शेयर मार्केट अपने जून के लेवल से 20 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया है. इसके अलावा साउथ कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग 3-3 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए. जापान का निक्केई 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया. अमेरिकी बाजारों में वायदा कारोबार में भी गिरावट बनी हुई है. इसका असर भारतीय शेयर बाजार के सेंटिमेंट पर देखा जा रहा है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहा है. हालांकि, एक दिन पहले बुधवार को एफआईआई ने मामूली खरीदारी की थी. लेकिन अक्टूबर के अब तक के आंकड़े पर गौर करें तो एफआईआई ने 13 में से 10 कारोबारी सेशन में बिकवाली की है. ग्लोबल लेवल पर बॉन्ड यील्ड के हाई लेवल और क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर सिक्योर ऑप्शन की तलाश कर रहे हैं.
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आने वाले समय में क्या होगा?
बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि मौजूदा समय में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का वैल्यूएशन काफी ज्यादा हो गया है. हालांकि, लार्जकैप शेयर अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं. उम्मीद की जा ही है कि आने वाले दिनों में लार्जकैप शेयर मिड और स्मॉलकैप के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. ऐसे में जानकार यही बता रहे हैं कि कच्चे तेल के बढ़ते दाम और मजबूत अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण बाजार में मंदड़िए हावी हैं. ऐसे में निवेशकों को यही सलाह दी जा रही है कि ज्यादा वैल्यूएशन वाले छोटे शेयरों से बचकर रहें.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एक्सर्ट से अवश्य सलाह लें.)