SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

विदेशी निवेशकों को LTCG टैक्स से मिलेगी राहत? SEBI ने सरकार से की हटाने की सिफारिश, रिपोर्ट में दावा

विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए SEBI ने विदेशी निवेशकों के लिए 'लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स' को खत्म करने और म्यूचुअल फंड निवेशकों को कर में छूट देने का प्रस्ताव रखा है.

Written By Gaurav Singh
Published: Nov 02, 2026, 05:52 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 06:05 PM IST
Image Credit: विदेशी न‍िवेशकों को लुभाने के ल‍िए सेबी ने सरकार को LTCG Tax हटाने का सुझाव द‍िया है | AI
Join

LTCG Tax for Foreign Investors: देश के मार्केट रेगुलेटर (SEBI) ने सरकार से विदेशी निवेशकों पर लगाए गए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को हटाने की सिफारिश की है. इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने ये बात बताई है. भारत अपने इक्विटी मार्केट को फिर से गति देना चाहता है, जो अभी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है.

सरकार को लेना है अंतिम फैसला!

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स में राहत देने का प्रस्ताव दिया है. इसमें सुझाव दिया गया है कि अगर निवेशक अपनी मौजूदा होल्डिंग्स बेचकर नई होल्डिंग्स में निवेश करते हैं, तो उन्हें LTCG टैक्स से छूट मिलनी चाहिए. फरवरी में पेश होने वाले बजट से कुछ महीने पहले आई ये सिफारिशें अनिवार्य नहीं हैं. लेकिन, अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है.

खुदरा निवेशकों का विदेशी निवेश में बढ़ा है रुझान

पिछले दो वर्षों में भारत का इक्विटी मार्केट अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले पीछे रह गया है. इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की बिकवाली की है. वहीं, रिटर्न में ठहराव आने के कारण खुदरा निवेशकों का विदेशी निवेश में रुझान बढ़ा है.

SEBI की ये सिफारिशें पिछले दो वर्षों में विदेशी निवेशकों के साथ हुई कई बैठकों के बाद आई हैं. इस दौरान लगातार बिकवाली होती रही, जिससे भारतीय मुद्रा (रुपये) पर दबाव पड़ा. सूत्रों ने बताया कि निवेशकों की ओर से लगातार ये फीडबैक मिला है कि भारत में उन पर लगाए जाने वाले टैक्स के तरीके में बदलाव की जरूरत है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रस्तावों का मकसद विदेशी निवेशकों पर शुरुआती टैक्स के बोझ को कम करना है.

ये भी पढ़ें : 'मजबूत बैंक, दमदार अर्थव्यवस्था...' वित्त मंत्री का बड़ा बयान, बोलीं- भारत को अपनी ताकत पर गर्व होना चाहिए

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना है मकसद

SEBI ने कहा है कि भारत में इक्विटी में निवेश करने से जुड़ी ट्रांजैक्शन कॉस्ट (लेन-देन की लागत) दुनिया के अन्य बाजारों के मुकाबले सबसे अधिक है. निवेशक अभी एक साल से अधिक समय तक रखी गई प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) पर 12.5% ​​का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और 20% का शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देते हैं. इसके अलावा, उन्हें ट्रेड पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स और डिविडेंड पर विदहोल्डिंग टैक्स भी देना पड़ता है.

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि कैपिटल गेन्स टैक्स में कोई भी कटौती विदेशी निवेशकों के लिए बाजार को और आकर्षक बना सकती है और पोर्टफोलियो में निवेश (इनफ्लो) को बढ़ावा दे सकती है. ब्रोकरेज फर्म IIFL का अनुमान है कि कैपिटल गेन्स टैक्स को खत्म करने से विदेशी निवेशकों के रिटर्न में 2.3 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हो सकती है.

घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए राहत

भारत का बेंचमार्क इंडेक्स 'निफ्टी 50' पिछले दो सालों में 4.8% गिरा है, जबकि MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में 40% की तेजी आई है.
इस दौरान, डाइवर्सिफाइड घरेलू इक्विटी म्यूचुअल फंड (जो अब खुदरा निवेशकों के लिए बचत का एक आम जरिया बन गए हैं) से मिलने वाले रिटर्न में भी कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है. फंड रिसर्च फर्म मॉर्निंगस्टार के आंकड़ों के मुताबिक, लार्ज-कैप शेयरों में निवेश करने वाले फंडों से मिलने वाले औसत रिटर्न में 1.6% की गिरावट आई है.

सूत्रों के मुताबिक, निवेशकों को घरेलू म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए SEBI ने सुझाव दिया है कि अगर यूनिट्स को एक साल से अधिक समय तक रखा गया है, तो एक म्यूचुअल फंड स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को 'टैक्सेबल सेल' नहीं माना जाना चाहिए.

भारतीय म्यूचुअल फंडों के पास 82.6 ट्रिलियन रुपये (870.80 बिलियन डॉलर) की संपत्ति (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) है और मंथली इन्वेस्टमेंट स्कीमों के जरिए हर महीने औसतन 30 बिलियन रुपये का निवेश आ रहा है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES