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दुनिया में हाहाकार के बीच भारत में रिकॉर्ड ग्रोथ! RBI ने किया यह बड़ा ऐलान; निवेशकों की बल्ले-बल्ले

RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक (RBI) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए देश की रियल GDP ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. ग्लोबल तनाव और चुनौतियों के बीच इंडियन इकोनॉमी के हालात पर गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्या कहा?

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 07, 2026, 11:22 AM IST | Updated: Oct 07, 2026, 11:29 AM IST
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GDP Growth Forecast: दुनियाभर में चल रही जंग, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल के बीच इंडियन इकोनॉमी ने फिर से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. आरबीआई (RBI) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी के ऐलान के दौरान फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए देश की रियल GDP ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस प्वाइंट 7.1% कर दिया है. ग्लोबल लेवल पर तमाम चुनौतियों के बीच घरेलू डिमांड, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर की तरफ से किये जा रहे मजबूत प्रदर्शन के आधार पर आरबीआई ने नया अनुमान जारी किया है.

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि दुनियाभर में जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन, जिंसों की ऊंची कीमत और ग्लोबल फाइनेंशियल हालात में सख्ती के बावजूद देश की इकोनॉमिक एक्टिविटी बेहद मजबूत हैं. इसी मजबूती को देखकर FY 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया गया है. आरबीआई की तरफ से बताया गया कि दूसरी तिमाही के दौरान GDP ग्रोथ 7.2%, तीसरी तिमाही में 6.9% और चौथी तिमाही में 6.8% रहने की उम्मीद है.

पहली तिमाही में 7.8% की जबरस्त ग्रोथ

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि FY 2027 की पहली तिमाही (Q1) में देश की रियल GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई थी. जीडीपी ग्रोथ के लेवल पर इस शानदार परफारमेंस का कारण मजबूत प्राइवेट कंजम्पशन और फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट रहा. इसमें 12% की शानदार ग्रोथ देखी गई. इसके अलावा एक्सपोर्ट (Net Exports) के मोर्चे पर भी देश का कॉन्ट्रीब्यूशन पॉजिटिव रहा है. इससे देश की विकास दर को रफ्तार मिली है. दूसरी तिमाही के दौरान इकोनॉमी की रफ्तार बनी हुई है. बढ़ती लागत के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में किसी तरह का बदलाव नहीं देखा गया और सर्विसेज सेक्टर का एक्सपेंशन जारी है.

ग्लोबल खतरे और अल नीनो की चुनौती

आरबीआई गवर्नर की तरफ से चेतावनी दी गई कि ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावट देश की इकोनॉमी पर असर डाल सकती हैं. इसके अलावा कमजोर मानसून और अल नीनो (El Nino) से रबी फसल पर असर पड़ सकता है. हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और बैंकों से मिलने वाले क्रेडिट फ्लो से देश की ग्रोथ रेट को लगातार सपोर्ट मिलता रहेगा.

आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ​​ने कहा कि मौजदूा फाइनेंशियल ईयर के पहले चार महीने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में पिछले साल के 9.6 बिलियन डॉलर के मुकाबले लगातार सुधार दर्ज किया गया और यह 13.8 अरब डॉलर रहा. इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ​​ने कहा, महंगाई दर के निकट भविष्य के दृष्टिकोण से यह साफ है कि सप्लाई चेन पर दबाव बना रहेगा. इस साल सीपीआई महंगाई दर 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह दूसरी तिमाही में 4.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहने की संभावना जताई जा रही है.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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