EMI Calculation: होम लोन लेने वालों को झटका! RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, अब आपको कितनी ज्यादा देनी होगी EMI?
Home Loan EMI: रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किये जाने के बाद यह बढ़कर 5.50% हो गया है. इसमें बढ़ोतरी के बाद आपके होम लोन की ब्याज दर बढ़ना भी तय माना जा रहा है. यदि आपने भी होम लोन ले रखा है तो अब आपको हर महीने कितने रुपये ज्यादा देने होंगे, आइए जानते हैं-पूरा हिसाब.
RBI Repo Rate Hike: फेड रिजर्व की तरफ से ब्याज दर बढ़ाने और महंगाई दर में उछाल आने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि आरबीआई (RBI) रेपो रेट में इजाफा कर सकता है. करीब साढ़े तीन साल के लंबे इंतजार के बाद रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) का इजाफा कर दिया है. इसके साथ ही यह बढ़कर 5.50% हो गया है. वेस्ट एशिया में जारी जंग से फैले तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच किये गए इस फैसले का असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है. यदि आपने होम लोन ले रखा है या नया लोन लेने का प्लान कर रहे हैं तो आपकी मंथली EMI की कैलकुलेशन पूरी तरह बदलने वाली है.
आरबीआई की तरफ से रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया गया है. इसके बाद बैंकों से मिलने वाला लोन भी उसी रेश्यो में महंगा हो जाएगा. यदि बैंक इस पूरी 0.25% की बढ़ोतरी को ग्राहकों पर ट्रांसफर करते हैं तो उनके मौजूदा होम लोन की ब्याज दर में 0.25% का इजाफा हो जाएगा. उदाहरण के लिए यदि आपके होम लोन की ब्याज दर मौजूदा समय में 7.15% है तो यह बढ़कर 7.40% तक हो जाएगी. इस बढ़ोतरी का असर आपके होम लोन की ईएमआई पर पड़ेगा. यदि आप ईएमआई नहीं बढ़ाना चाहते तो इसका असर आपके होल लोन की री-पेमेंट टेन्योर पर दिखाई देगा.
बढ़कर कितनी हो जाएगी ईएमआई
उदाहरण के लिए आपने 20 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन 7.15% की ब्याज दर पर लिया है. इस दर पर आपकी मंथली EMI करीब 39,216 रुपये होती है. लेकिन 25 बेसिस प्वाइंट ब्याज दर बढ़ते ही यह 7.40% हो जाएगी और आपकी मंथली ईएमआई 39,974 रुपये हो जाएगी. यानी 25 बेसिस प्वाइंट ब्याज दर बढ़ने पर आपको हर महीने 758 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. यदि होम लोन एक करोड़ का है और इसका टेन्योर 20 साल का है तो आपकी जेब पर हर महीने करीब 1,516 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. एक करोड़ के होम लोन आप अभी 78433 रुपये की ईएमआई दे रहे होंगे. जो कि ब्याज दर बढ़ने के बाद बढ़कर 79949 रुपये हो जाएगी.
कैसे काम करती है EMI का गणित?
जब भी रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में इजाफा किया जाता है तो लोन देने वाले बैंकों के पास दो ऑप्शन होते हैं. पहला ऑप्शन यह है कि वे हर महीने कटने वाली आपकी मंथली ईएमआई की रकम को बढ़ा दें. दूसरा ऑप्शन यह होता है कि आपकी EMI की राशि को स्थिर रखकर लोन के रीपेमेंट टेन्योर को कुछ महीने के लिए आगे बढ़ा दिया जाए. आमतौर पर बैंक ग्राहकों को अचानक झटका देने से बचने के लिए लोन का टेन्योर बढ़ा देते हैं. लेकिन यदि किसी कस्टमर का लोन टेन्योर पहले ही बहुत ज्यादा है तो फिर उनकी मंथली ईएमआई बढ़ाना ही विकल्प रहता है.
आपको क्या करना चाहिए?
रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा होने से आपको घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है. पर्सनल फाइनेंस से जुड़े एक्सपर्ट का मानना है कि ब्याज दर बढ़ने के बाद यह लोन चुकाने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लें. आपको सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनका बैंक फिलहाल कितना ब्याज वसूल रहा है और उनका लोन रेपो रेट से जुड़ा है या दूसरे किसी बेंचमार्क से. साथ ही यह भी नोटिस करें कि आपका टेन्योर कितना बचा हुआ है?
Probe42 के सीईओ प्रह्लाद कृष्णमूर्ति ने कहा कि रेपो रेट बढ़कर 5.50% हो गया. FY27 के लिए महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.2% किया जाना भी अहम है. इससे साफ है कि रिजर्व बैंक की तरप्फ से मौद्रिक सख्ती आगे भी जारी रह सकती है. आरबीआई ने FY27 के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. यानी केंद्रीय बैंक ने यह कदम इकोनॉमी की मजबूती को ध्यान में रखकर उठाया है. रेपो रेट बढ़ाए जाने से होम लोन के अलावा कार लोन और पर्सनल लोन की दर में भी इजाफा हो सकता है.
(डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई EMI कैलकुलेशन अनुमानित है। आपके होम लोन की ईएमआई री-पेमेंट टेन्योर और ब्याज दर के आधार पर कम या ज्यादा हो सकती है।)