भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /बिज़नेस
  • /क्या झुक जाएगा टाटा ग्रुप? टाटा संस पर RBI गवर्नर का कड़ा रुख; कहा-NBFC को लिस्ट होना ही होगा

क्या झुक जाएगा टाटा ग्रुप? टाटा संस पर RBI गवर्नर का कड़ा रुख; कहा-NBFC को लिस्ट होना ही होगा

टाटा संस के आईपीओ को लेकर चल रहे विवाद पर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा कि अपर लेयर एनबीएफसी होने के कारण टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट होना ही पड़ेगा. नोएल टाटा के इन दावों और RBI गवर्नर के फैसले के मायने क्या हैं?

Written ByKriyanshu Saraswat
Published: Oct 24, 2026, 07:08 PM IST|Updated: Oct 24, 2026, 07:11 PM IST
joinshare
क्या झुक जाएगा टाटा ग्रुप? टाटा संस पर RBI गवर्नर का कड़ा रुख; कहा-NBFC को लिस्ट होना ही होगा
Image Credit: (AI) टाटा संस की कुल एसेट 2.01 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.

About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
ब्लास्ट की धमक से थर-थर कांप रहा टोंक! धमाके से खेतों और अन्नपूर्णा माता मंदिर पर गिर रहे पत्थर

ब्लास्ट की धमक से थर-थर कांप रहा टोंक! धमाके से खेतों और अन्नपूर्णा माता मंदिर पर गिर रहे पत्थर

2

नया नहीं है पीएम मोदी पर मल्लिकार्जुन खरगे का उल्टा-सीधा बोलना, जानें अपशब्दों की लंबी फेहरिस्त

3

मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था मामला, कोर्ट के बाहर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

4

JDU से निष्कासित अनंत सिंह को एक और बड़ा झटका, पत्नी नीलम देवी से छीना गया राज्यमंत्री का दर्जा

5

कैमूर के चातुर्मास महायज्ञ में आज शामिल होंगे CM सम्राट, जीयर स्वामी जी महाराज से लेंगे आशीर्वाद, सुरक्षा के है पुख्ता इंतजाम

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

देश के दिग्गज कारोबारी घरानों में से एक टाटा ग्रुप (Tata Group) और आरबीआई (RBI) के बीच टाटा संस की शेयर मार्केट में लिस्टिंग को लेकर चल रही बहस अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है. इसको लेकर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की तरफ से पूरी तरह स्थिति को साफ कर दिया गया है. एक समाचार चैनल की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के दौरान आरबीआई गवर्नर ने साफ कहा कि जो भी संस्थान अपर लेयर एनबीएफसी और कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के दायरे में आते हैं, उसे लिस्ट होना ही पड़ेगा.

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने टाटा संस को लेकर किसी भी तरह के भ्रम को दूर करते हुए कहा कि जब तक टाटा संस अपर लेयर एनबीएफसी और कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में कैटेगराइज है तो उसकी शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी ही. आरबीआई गवर्नर के इस बयान के बाद टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के उस बयान पर विराम लग गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सितंबर में जारी आरबीआई के लेटर में लिस्टिंग को लेकर किसी तरह का निर्देश नहीं दिया गया है.

टाटा संस की लिस्टिंग क्यों जरूरी?

आरबीआई ने साल 2022 में टाटा संस को अपर लेयर एनबीएफसी के तौर पर कैटेगराइज किया था. इन नियमों के अनुसार एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति या जनता के पैसों तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पहुंच रखने वाली कंपनियों को तीन साल के अंदर लिस्ट होना जरूरी है. 31 मार्च 2026 तक टाटा संस की कुल एसेट 2.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, जो कि तय लिमिट से दोगुने से भी ज्यादा है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कोर इन्वेस्टमेंट कंपनियां ग्रुप की दूसरी कंपनियों के टॉप पर बैठती हैं और सिस्टमेटिक रिस्क बना सकती हैं.

टाटा ग्रुप की दलील

टाटा संस की कोशिश लगातार लिस्टिंग से बचने की रही है. इसके लिए टाटा संस की तरफ से आरबीआई के पास आवेदन भी किया गया. कंपनी ने कहा कि उसने अपना पूरा लोन चुका दिया है और अब वो जीरो डेब्ट वाली कंपनी है. इसलिए उसे सीआईसी रजिस्ट्रेशन नहीं कराने की छूट दी जाए. हालांकि, सितंबर 2026 में भी आरबीआई ने टाटा संस की इस अर्जी को खारिज कर दिया था. हालांकि, नोएल टाटा ने बोर्ड मीटिंग में यही कहा था कि आरबीआई की चिट्ठी में किसी उल्लंघन या लिस्टिंग की टाइम लिमिट को लेकर जानकारी नहीं है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Tata Group