अगर आप भी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं या भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर करने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. सरकार की तरफ से एनपीएस पर खास फोकस किया जा रहा है. नए अपडेट के तहत एनपीएस के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए राहत वाली बात यह है कि पेंशन मैनेजमेंट अब पहले के मुकाबले बेहद आसान होने वाला है. रेग्युलेटर पीएफआरडीए ने पिछले दिनों 1 अक्टूबर को आयोजित एनपीएस दिवस (NPS Diwas) के मौके पर एनपीएस सेंट्रल (NPS Central) नाम से यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है.
नया प्लेटफॉर्म आने के बाद एनपीएस से जुड़ी तीनों सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसियां Protean, KFintech और CAMS की सर्विस एक ही डिजिटल इंटरफेस पर एक्सेस कर सकेंगे. यानी निवेशक अलग-अलग जगह जाने की बजाय एक ही डैशबोर्ड से अपने सभी पेंशन अकाउंट को मैनेज कर पाएंगे. यदि आप पहले से सब्सक्राइबर हैं तो आपको इससे काफी सहूलियत होने वाली है. अब आपको अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) याद रखने की जरूरत नहीं है. ऐसे सब्सक्राइबर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और जन्म की तारीख से OTP के जरिये लॉगइन कर सकेंगे.
एनपीएस सेंट्रल (NPS Central) पर कंसोलिडेटेड डैशबोर्ड मिलता है. इससे तीनों एजेंसी Protean, KFintech और CAMS के तहत आने वलो एनपीएस अकाउंट को एक ही जगह देखा जा सकता है. इसके जरिये यूजर्स कॉन्ट्रीब्यूशन करने, इन्वेस्टमेंट के नए ऑप्शन तलाशने के साथ ही रिटर्न और चार्ज की तुलना कर सकेंगे. NPS Central पर AI बेस्ड ऑनबोर्डिंग सुविधा दी गई है. आप CKYC और डिजिलाकर के माधयम से आसानी से अपना KYC वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि NPS Central के जरिये खाता खोलने पर किसी तरह का एक्स्ट्रा ऑनबोर्डिंग चार्ज नहीं लिया जाता. NPS Central पर रजिस्ट्रेशन के बाद आपको तुरंत e-PRAN और दूसरी जरूरी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाती हैं.
नए डिजिटल प्लेटफॉर्म NPS Central पर 'NPS Swasthya' के लिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है. यह रिटायरमेंट फंड के साथ ही सुपर टॉप अप हेल्थ इंश्योरेंस को एड करता है. PFRDA आने वाले दिनों में इसमें कई और बेहतरीन फीचर्स को जोड़ने का प्लान कर रहा है. इसमें इन्वेस्टमेंट च्वाइस बदलने के साथ ही पेंशन फंड में बदलाव करने, NPS पर लोन लेने, SIP मैंडेट, एनपीएस वात्सल्य और कॉरपोरेट ऑनबोर्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध होंगी.
जानकारों का मानना है कि इस तकनीक के जरिये देश को बिखरे हुए पेंशन इकोसिस्टम से बाहर निकालकर पूरी तरह सब्सक्राइबर बेस्ड एक्सपीरियंस में बदल दिया जाएगा. अब लोग केवल अपनी रिटायरमेंट सेविंग को ट्रैक करेन के अलावा यह भी देख पाएंगे कि वे अपने रिटायरमेंट टागरेट के हिसाब से सही इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं या नहीं.