तेल, US-Iran तनाव और आर्थिक आंकड़े, अगले हफ्ते जानिए कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?
अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा कच्चे तेल, अमेरिका-ईरान तनाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों (PMI, GST, ऑटो सेल्स, IIP व राजकोषीय घाटा) से तय हो सकती है.
Stock Market : शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है. इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान युद्ध अपडेट और घरेलू आर्थिक आंकड़े जैसे ऑटो सेल्स, राजकोषीय घाटा, पीएमआई और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बाजार की चाल निर्धारित करेंगे.
कच्चे तेल का दाम भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार
मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ता तनाव खासकर अमेरिका-ईरान युद्ध भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. इस कारण से कच्चे तेल का दाम भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है. ऐसे में अगर इस पर कोई नया अपडेट आता है और तनाव कम होता है तो इसका सीधा असर बाजार पर होगा.
अगले हफ्ते भारत में घरेलू स्तर पर कई महत्वपूर्ण आंकड़े आएंगे. इसमें ऑटो सेल्स, जीएसटी, इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शनस पीएमआई, राजकोषीय घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े डेटा शामिल हैं. 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कारण अगले कारोबारी हफ्ता चार सेशन का होगा.
लाल निशान पर बंद हुआ था बाजार
इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ. सेंसेक्स 399.22 अंक या 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73,895.74 और निफ्टी 205.90 अंक या 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,140.50 पर था.
21-25 सितंबर के कारोबारी सेशन में लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट देखने को मिली थी. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,285.25 अंक या 2.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,906 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 160.45 अंक या 0.81 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,715.25 पर था.
सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी 2.98 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.14 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.10 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.04 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.53 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.39 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था. निफ्टी आईटी 2.40 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.63 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.53 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.49 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.26 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ हुआ था.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर असमंजस!
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. इसके साथ ही सऊदी अरब और हूती के बीच बढ़ते तनाव पर भी बाजार की नजर बनी हुई है. इन घटनाक्रमों का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है. अगर होर्मुज रूट को धीरे-धीरे फिर से खोलने को लेकर कोई पॉजिटिव संकेत मिलता है, तो इससे बाजार को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
( IANS के इनपुट के साथ)