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1 दिसंबर से बदलने जा रहे हैं NPS से जुड़े नियम, क्या आपके रिटायरमेंट फंड पर होगा असर?

आने वाली 1 दिसंबर 2026 से एनपीएस के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. PFRDA ने स्कीम के नाम, डिस्प्ले और पीओपी प्लेटफॉर्म्स के लिए नए निर्देश जारी किये हैं. आमतौर पर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर स्कीम्स के नाम और उनके डिस्प्ले का तरीका बदलने से निवेशक कंफ्यूज हो जाते हैं.

1 दिसंबर से बदलने जा रहे हैं NPS से जुड़े नियम, क्या आपके रिटायरमेंट फंड पर होगा असर?
Image Credit: पीएफआरडीए के नए नियमों को 1 दिसंबर 2026 से देशभर में लागू कर दिया जाएगा.

आप भी यदि अपनी नौकरी के साथ-साथ रिटायरमेंट को सिक्योर करने के लिए एनपीएस (NPS) में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, पीएफआरडीए (PFRDA) ने एनपीएस (NPS) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. यह बदलाव सीधे तौर पर निवेशकों और पेंशन फंड्स को प्रभावित करने वाला है. इन बदलावों को 1 दिसंबर 2026 से लागू किया जाएगा. नए नियमों के तहत NPS स्कीम के नाम रखने का तरीका और उन्हें अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर डिस्पले करने से जुड़े नियम पूरी तरह बदल जाएंगे. निवेशकों के मन में आमतौर पर यही सवाल बना रहता है कि सही पेंशन फंड या स्कीम को कैसे सिलेक्ट करें? PFRDA के नए सर्कुलर से इस तरह के किसी भी कन्फ्यूजन को दूर करने की कोशिश की गई है.

पीएफआरडीए (PFRDA) ने एनपीएस (NPS) के तहत आने वाले मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. 2 नवंबर 2026 को जारी सर्कुलर 28 अगस्त 2026 को जारी किये गए पुराने नियमों का ही बदला हुए रूप है. नए बदलावों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जब भी कोई सब्सक्राइबर NPS अकाउंट ओपन करने या अपनी पसंद की पेंशन स्कीम चुनने जाए तो उसे पूरी ट्रांसपेरेंसी मिले. अक्सर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर स्कीम्स के नाम और उनके डिस्प्ले का तरीका बदलने से निवेशक कंफ्यूज हो जाते हैं. पीएफआरडीए (PFRDA) के नए नियमों को 1 दिसंबर 2026 से देशभर में लागू कर दिया जाएगा.

NPS स्कीम के नाम का नया तरीका क्या होगा?

पीएफआरडीए (PFRDA) की तरफ से साफ किया गया कि सभी मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) स्कीम्स के नाम तय फॉर्मेट में ही रखे जाएंगे. नए नियमों के अनुसार किसी भी स्कीम के नाम में अहम रूप से तीन एलिमेंट होते हैं. इसके अलावा पीएफआडीए (PFRDA) की तरफ से साफ किया गया कि कैटेगरी कोड 'A' से लेकर 'E' तक अब स्कीम के नाम का हिस्सा नहीं बनाए जाएंगे. यदि कोई पेंशन फंड एक ही कैटेगरी के अंदर एक से ज्यादा स्कीम्स ऑफर कर रहा है, तो हर स्कीम का नाम बिल्कुल अलग और यूनीक होना चाहिए.

अब केवल स्कीम का नाम लिखना ही काफी नहीं होगा. PFRDA के नए सर्कुलर के अनुसार किसी भी मीडिया विज्ञापन, ब्रोशर या दूसरे पब्लिक-फेसिंग लिटरेचर में पेंशन फंड्स को स्कीम के नाम के साथ-साथ उसकी पूरी लागू होने वाली स्कीम कैटेगरी या ग्रोथ कैटेगरी को साफ-साफ दिखाना जरूरी होगा. इसका फायदा यह होगा कि जब भी कोई नया निवेशक किसी विज्ञापन को देखेगा उसे उसे पहली बार में ही यह पता लग जाएगा कि वो स्कीम किस कैटेगरी और रिस्क लेवल के तहत आती है. इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार पर रोक लग सकेगी.

PoP प्लेटफॉर्म्स पर कैसे दिखाई जाएंगी स्कीम्स?

नए सर्कुलर का सबसे बड़ा हिस्सा प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) प्लेटफॉर्म्स पर स्कीम्स के डिस्प्ले से जुड़ा है. PFRDA की तरफ से साफ किया गया कि अलग-अलग PoP प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम थोड़े अलग होंगे.

  • यदि कोई पेंशन फंड खुद का लाइसेंस भी रखता है और अपना ऐप ऑपरेट करता है तो वह अपनी वेबसाइट पर केवल अपनी ही स्कीम्स को दिखा सकता है. बशर्ते सब्सक्राइबर ने खुद खासतौर पर उसी पेंशन फंड के प्लेटफॉर्म पर आने का ऑप्शन चुना.
  • जो बैंक या अन्य संस्थाएं प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) के रूप में काम करती हैं और अपने खुद के प्लेटफॉर्म चलाती हैं, उन्हें सब्सक्राइबर की तरफ से चुनी गई कैटेगरी के अंदर आने वाले सभी पेंशन फंड्स की स्कीम को दिखाना जरूरी होगा.
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About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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