)
NPS Guaranteed Pension: अगर आप जॉब या बिजनेस करते हैं और अपने फ्यूचर को सेफ करने के लिए रिटायरमेंट प्लान ढूंढ रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी को आसानी से चलाने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करना बेहतर ऑप्शन है. अगर आप एनपीएस (NPS) में निवेश करते हैं या करने का प्लान कर रहे हैं तो ऐसे लोगों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. पेंशन फंड नियामक पीएफआरडीए (PFRDA) की तरफ से एनपीएस (NPS) में ऐसा ऑप्शन जोड़ने की तैयारी की जा रही है, जिससे आपको शेयर बाजार में होने वाली उठापटक की चिंता नहीं रहेगी और रिटायरमेंट के बाद फिक्स पेंशन मिल सकेगी.
एनपीएस (NPS) को लंबे समय से बेहतरीन इन्वेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता है. लेकिन इसमें निवेश करने वाले कई बार इस बात से परेशान रहते हैं कि इसका रिटर्न पूरी तरह से शेयर बाजार और डेट मार्केट के परफॉर्मेंस पर डिपेंड करता है. यदि मार्केट ऊपर गया तो आपका फंड बढ़ जाएगा और यदि बाजार गिरा तो इसका असर आपके रिटर्न पर भी पड़ता था. इस तरह के रिस्क को खत्म करने के लिए पीएफआरडीए (PFRDA) वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर नई योजना पर काम कर रहा है.
योजना का नाम मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम (Minimum Assured Return Scheme) हो सकता है. इसका सीधा सा मतलब यही हुआ कि यदि आप बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं तो आप इस ऑप्शन को सिलेक्ट कर सकते हैं. इस ऑप्शन को सिलेक्ट करने से आपको रिटायरमेंट के समय एक तय पेंशन या रिटर्न मिलेगा. पीएफआरडीए (PFRDA) की योजना शुरू किये जाने के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री से बातचीत चल रही है. हालांकि, योजना को अभी शुरुआती लेवल पर बताया जा रहा है. आपको बता दें एनपीएस (NPS) कॉन्ट्रीब्यूशन बेस्ड सिस्टम है.
आज की यूथ जेनरेशन करियर की शुरुआत से ही पैसे इन्वेस्ट करने के बारे में सोचने लगी है. लेकिन जब बात रिटायरमेंट फंड की आती है तो बहुत से लोग रिस्क नहीं लेना चाहते. उनकी यही कोशिश रहती है कि वे जितने साल तक पैसा जमा करें, रिटायरमेंट के समय उन्हें बिना किसी अनिश्चितता के एक फिक्स अमाउंट मिलता रहे. एनपीएस में आप जितना पैसा जमा करेंगे और मार्केट जैसा परफॉर्म करेगा, उसी हिसाब से आपका कॉर्पस होगा. इसमें पहले से किसी तरह की गारंटी नहीं होती. इसी गैप को भरने के लिए PFRDA नए प्लान पर काम कर रहा है ताकि ऐसे लोगों को भी NPS से जोड़ा जा सके जो सिक्योर और फिक्स रिटर्न चाहते हैं.

मौजूदा सिस्टम के तहत जब आप NPS में पैसा लगाते हैं तो आपके निवेश को अलग-अलग पेंशन फंड मैनेजर शेयर बाजार (इक्विटी), कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में लगाते हैं. जब आप रिटायर हो जाते हैं तो कुल जमा राशि में से कुछ हिस्सा आप कैश निकाल सकते हैं और बाकी हिस्सा आपको पेंशन के रूप में मिलता है. लेकिन नई योजना के तहत फंड मैनेजर्स को ऐसी पॉलिसी अपनानी होगी, जिससे बाजार गिरने पर भी आपका पैसा सुरक्षित रहे. इसके लिए पेंशन फंड मैनेजर्स को रिस्क से बचाव के लिए काम करना होगा. पीएफआरडीए (PFRDA) की कोशिश है कि गारंटीड रिटर्न देने के बाद भी एनपीएस का मैनेजमेंट कॉस्ट बहुत ज्यादा न बढ़े और यह आम जनता के लिए किफायती बना रहे.
NPS को युवाओं और आम निवेशकों के लिए आसान और फायदेमंद बनाने के लिए पिछले एक साल के दौरान कई अहम कदम उठाए गए हैं-
गारंटीड रिटर्न देने की चर्चा पीएफआरडीए (PFRDA) की तरफ से अचानक नहीं हुई. PFRDA ने सितंबर 2025 में इसको लेकर एक कंसल्टेशन पेपर इश्यू किया था. इसके बाद जनवरी 2026 में एक हायर लेवल कमेटी बनाई गई. जो कि योजना के नियमों, लॉक-इन पीरियड, टैक्स छूट, फीस और रिस्क मैनेजमेंट पर काम कर रही है. गारंटीड रिटर्न देने के लिए फंड मैनेजर्स को डेरिवेटिव्स एंड फ्यूचर्स मार्केट तक पहुंच देने की बात चल रही है. फिलहाल पेंशन फंड को वायदा बाजार में काम करने की सीमित अनुमति है. यदि उन्हें पूरी छूट मिलती है तो वे बाजार के उतार-चढ़ाव से निवेशकों के पैसे को सुरक्षित रख सकेंगे.
यदि आप 20 या 30 की उम्र में हैं और अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं तो रिटायरमेंट प्लानिंग दूर की बात लग सकती है. लेकिन सही समय पर सही जगह पैसे निवेश करना ही समझदारी है. NPS में गारंटीड रिटर्न का ऑप्शन आने से अब आपको यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि 30 साल बाद मार्केट कैसा रहेगा? आप बिना किसी रिस्क के अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकेंगे.