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Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया. एएनआई के अनुसार उनका निधन गोवा स्थित आवास पर दिल का दौरा (कार्डिएक अरेस्ट) पड़ने से हुआ. सुबह तड़के डोना पॉला स्थित घर पर वह बेहोश मिले, जिसके बाद उन्हें तुरंत पास के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. नाना पाटेकर के अचानक इस दुनिया को छोड़कर चले जाने के बाद बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है. वह एकदम सादगी भरा जीवनयापन करते थे. इस दुखद खबर के बीच हर कोई उनकी नेटवर्थ को लेकर चर्चा कर रहा है. आइए जानते हैं इस बारे में-
अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और आंकड़ों के अनुसार नाना पाटेकर की नेटवर्थ 50 करोड़ से 80 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है. उन्होंने अपने लंबे अभिनय बॉलीवुड करियर के दौरान यह संपत्ति हासिल की थी. इन दिनों वह एक फिल्म के लिए करीब 2 से 3 करोड़ रुपये चार्ज करते थे. इतनी फीस लेने और हिंदी सिनेमा के चुनिंदा अभिनेताओं में शामिल होने के बाद भी वह बेहद साधारण जीवन जीना पसंद करते थे.
नाना पाटेकर की सादगी का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि मुंबई के अंधेरी में उनका एक 1BHK फ्लैट है. 750 स्कवायर फीट का वाला यह फ्लैट उन्होंने काफी समय पहले 1.1 लाख रुपये में खरीदा था. मौजूदा समय मं इस फ्लैट का मार्केट प्राइस करीब 3 करोड़ रुपये है. अपनी मां के निधन तक वह इसी फ्लैट में उनके साथ रहे. मां के परलोक गमन के बाद भी वह इसी छोटे से फ्लैट में रहते रहे. कई इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुद कहा था कि उनकी जरूरतें इस छोटे से फ्लैट से ज्यादा नहीं बढ़ीं.
मुंबई के 1BHK फ्लैट के अलावा नाना पाटेकर के पास गोवा में भी बेहद खूबसूरत घर है. यहीं पर उन्होंने अपने जीवन के अंतिम पल बिताए. वह अपना समय अक्सर मुंबई, गोवा और पुणे में बिताते थे. इसके अलावा पुणे के खड़कवासला में भी उनका 27 एकड़ में फैला फार्महाउस है. यहां पर सात कमरे और एक बड़ा हॉल बना हुआ है. इस फार्महाउस पर गेहूं और धान की खेती की जाती थी. खेती से मिलने वाली उपज को महाराष्ट्र की मंडी में बेचने के बाद होने वाली आमदनी को वह खेत में काम करने वाले मजदूरों और स्थानीय लोगों में बांट देते थे . पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर भी उनका मकान है.
आजकल की चकाचौंध और लग्जरी कारों के शौकीन अभिनेताओं से अलग नाना पाटेकर के पास कारों का लिमिटेड कलेक्शन था. उनकी कारों की बेड़े में महिंद्रा जीप CJ4, ऑडी Q7 और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां थीं. उनकी लाइफ पर नजर डालें तो यह साफ समझ आता है कि दान और समाज सेवा की तरफ हमेशा ही उनका रुझान रहा. साल 2015 में जब महाराष्ट्र के लातूर और विदर्भ के किसान सूखे की मार झेल रहे थे, तब नाना पाटेकर ने 100 से ज्यादा पीड़ित किसान परिवारों को अपने पास से 15-15 हजार रुपये के चेक दिये थे. उन्होंने 'नाम फाउंडेशन' के जरिये किसानों की मदद के लिए बड़ा योगदान दिया.