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इंजन और खराब पैसेंजर कोच बेचकर रेलवे को हुई बंपर कमाई, 5000 मीट्रिक टन कबाड़ में क्या-क्या शामिल?

रेलवे इंजन और पैसेंजर कोच से जुड़े जिन सामान को कर्मचारियों ने खराब बताकर फेंक दिया था. उनकी कमाई से रेलवे के वेस्टर्न जोन ने 27 करोड़ रुपये की कमाई की है. 5,000 मीट्रिक टन कबाड़ की बिक्री के बाद काफी जगह भी खाली हो गई है.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 23, 2026, 02:29 PM IST | Updated: Oct 23, 2026, 02:33 PM IST
Image Credit: वेस्टर्न रेलवे ने 500 करोड़ रुपये के स्क्रैप बिक्री करने का टारगेट रखा है. (File Pic)
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वेस्टर्न रेलवे के रतलाम डिवीजन ने कबाड़ की बिक्री करके अपनी कमाई में 27 करोड़ रुपये का भारी इजाफा किया है. स्क्रैप की बिक्री होने से रेलवे यार्ड में साफ-सफाई के साथ काफी जगह भी खाली हो गई है. रेलवे की तरफ से बिक्री किये गए कबाड़ में बेकार खड़े इलेक्ट्रिक इंजन के अलावा यात्री कोच भी शामिल थे. इस खबर के आने के बाद यही कहा जा रहा है कि रेलवे यात्रियों को सुविधा देने के साथ ही बेकार पड़े स्क्रैप को बेचकर बंपर कमाई भी कर रहा है. वेस्टर्न रेलवे के रतलाम डिवीजन ने यह मुकाम 'जीरो स्क्रैप कैम्पेन' के तहत हासिल किया है.

रतलाम डिवीजन की तरफ से करीब 5,000 मीट्रिक टन कबाड़ को नीलाम करके 26.96 करोड़ रुपये का रेवेनयू जुटाया गया है. इस कदम से रेलवे के खजाने में भारी रकम आने के साथ ही वर्कशॉप में बेकार पड़ी कीमती जगह भी खाली हो गई. इससे कर्मचारियों को आप साफ-सुथरा परिसर मिलेगा.

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नीलामी में क्या-क्या बेचा?

सफाई अभियान के दौरान रेलवे ने दो पुराने WAG-5 इलेक्ट्रिक इंजन, दो खराब पैसेंजर कोच, एक टॉवर वैगन और लोकोमोटिव केयर सेंटर के बेकार पड़े इंस्ट्रमेंट को नीलाम किया है. इसके अलावा रेलवे ट्रैक के आसापास पड़े खराब और गैर जरूरी सामान को हटाकर भी जगह खाली कर दी गई है.

कितनी जमीन खाली कराई?

डीआरएम अश्विनी कुमार और सीनियर डिवीजनल मैटेरियल मैनेजर अमीर यादव की देखरेख में इस अभियान को पूरा किया गया. 5,000 मीट्रिक टन कबाड़ हटने से रेलवे यार्ड और मेंटीनेंस सेंटर में काफी जगह खाली हो गई है. खाली हुई जगह का इस्तेमाल ऑपरेशनल कामों के लिए किया जाएगा.

वेस्टर्न रेलवे के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत गैर जरूरी सामान की पहचान करके उसकी नीलामी का प्रोसेस पूरे साल जारी रहेगा. इस तरह की नीलामी होने से रतलाम डिवीजन के सभी परिसरों को कबाड़ मुक्त और साफ-सुथरा बनाया जा सकेगा. इससे रेलवे की कमाई में भी बढ़ोतरी होगी.

500 करोड़ का कबाड़ को बेचने का टारगेट

वेस्टर्न रेलवे ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान 16 अक्टूबर तक करीब 320 करोड़ रुपये के कबाड़ की बिक्री की है. 'मिशन जीरो स्क्रैप' के तहत रेलवे का मकसद बेकार होने वाले सामान से रेवेन्यू जुटाना है. इसके लिए ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के दौरान 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की स्क्रैप बिक्री करने का टारगेट रखा है.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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