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Indian Oil Branded Water: जब आप किसी पेट्रोल पंप पर जाते हैं तो आप यहां पर पेट्रोल-डीजल लेने के साथ ही कार के टायरों में हवा भरवा सकते हैं. इसके अलावा यहां पर आपको पब्लिक फैसिलिटी भी मिलती है. पिछले दिनों खबर आई थी कि कंपनियां चुनिंदा पेट्रोल पंप पर रेस्टोरेंट खोलने का प्लान कर रही हैं. लेकिन अब सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) पेट्रोल और डीजल बेचने के अलावा बोतलबंद पानी बेचने का प्लान कर रही है. कंपनी की तरफ से अपने ब्रांड का पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मार्केट में लॉन्च करने का प्लान किया जा रहा है. कंपनी के इस कदम का मकसद देशभर में फैले 43,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों के विशाल नेटवर्क के जरिये नॉन-फ्यूल रेवेन्यू बढ़ाना है. आइए बात करते हैं कंपनी का पूरा प्लान क्या है और इससे आम आदमी को क्या सुविधा मिलेगी?
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल अपने विशाल रिटेल नेटवर्क का फायदा उठाने की तैयारी कर रही ळै. कंपनी की तरफ से देशभर के 43,000 से ज्यादा फ्यूल आउटलेट पर अपना खुद का पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर पेश करेगी. इस पहल के साथ कंपनी कस्टमर्स को वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स देने और केवल तेल बिक्री पर निर्भरता कम करने के मास्टरप्लान का हिस्सा है. इसके लिए इंडियन ऑयल की तरफ से मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) भी जारी कर दिया गया है.
कंपनी की तरफ से योजना की शुरुआत अलग-अलग फेज में किये जाने का प्लान है. सबसे पहले इस योजना को हाइवे पर स्थित 21,435 पेट्रोल पंप पर शुरू किया जाएगा. कंपनी की तरफ से यह महसूस किया गया कि सफर के दौरान पीने के पानी की सबसे ज्यादा डिमांड हाइवे पर ही होती है. पहले फेज में हाइवे पर पानी मुहैया कराने के बाद इस सुविधा को शहरी और अर्ध-शहरी एरिया वाले पेट्रोल पंपों पर शुरू किया जाएगा.
शुरुआत में पानी की बोतल 250 मिली, 500 मिली और 1 लीटर वाले पैकेज्ड बोलत में मिलेगा. इसमें 1 लीटर वाली बोतल कंपनी का खास प्रोडक्ट होगी. आने वाले समय में कंपनी का प्लान प्रीमियम वाटर, नेचुरल मिनरल वाटर, अल्कलाइन वाटर और फंक्शनल हाइड्रेशन प्रोडक्ट्स भी पेश करने की है. इंडियन ऑयल इसके तहत मल्टी-ईयर और रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल पर काम करेगी.
रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल पर काम करने के दौरान इंडियन ऑयल का ब्रांड नेम यूज होगा. दूसरी पार्टनर कंपनियों की तरफ से प्रोडक्शन और सप्लाई चेन की जिम्मेदारी संभाली जाएगी. इस नए कारोबार के दम पर कंपनी अपनी नॉन-फ्यूल इनकम को 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 760 करोड़ रुपये तक ले जाने का प्लान कर रही है. अभी यह सुविधा केवल कंपनी के पेट्रोल पंप, डीलर ऑपरेटिड आउटलेट और किसान सेवा केंद्रों तक ही रहेगी. अभी इसे एलपीजी एजेंसी, ऑफिस या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर नहीं बेचा जाएगा.