SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

IDBI Bank Privatisation : IDBI बैंक को Fairfax ग्रुप के हाथों बेचने का विरोध, कर्मचारियों ने बुलाई 2 दिन की हड़ताल, इस दिन ठप रहेगा काम!

कनाडा के फेयरफैक्स ग्रुप को आईडीबीआई बैंक बेचने के विरोध में कर्मचारियों की यूनियनों ने 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी भूख हड़ताल का ऐलान किया है.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 19, 2026, 09:26 PM IST | Updated: Oct 19, 2026, 09:33 PM IST
Image Credit: ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार प्रस्तावित बिक्री पर रोक लगाए | AI
Join

IDBI Bank Privatisation: IDBI बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की यूनियन  ने कनाडा स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स ग्रुप को बैंक की प्रस्तावित बिक्री के विरोध में हड़ताल करने के लिए बैंक प्रबंधन को नोटिस दिया है. यह हड़ताल बैंक की सभी शाखाओं और कार्यालयों में की जाएगी.

कब होगी हड़ताल?

यूनियन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, देशव्यापी दो दिवसीय भूख हड़ताल 2 और 3 नवंबर को आयोजित की जाएगी. इसका उद्देश्य उस सौदे को रोकना है, जिसके तहत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी कम की जाएगी और प्रबंधन का नियंत्रण फेयरफैक्स ग्रुप को सौंप दिया जाएगा.

ऑल इंडिया आईडीबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन से मिलकर बनी इस यूनियन ने मांग की है कि सरकार प्रस्तावित बिक्री पर रोक लगाए और आईडीबीआई बैंक में कम से कम 6 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदे. यह हिस्सेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से या खुले बाजार के जरिए खरीदी जा सकती है, ताकि बैंक में सरकार की हिस्सेदारी न्यूनतम 51 प्रतिशत बनी रहे. यूनियन ने कहा कि इससे दिसंबर 2003 में संसद में दिए गए उस आश्वासन का सम्मान होगा, जिसमें सरकार ने बैंक में बहुमत हिस्सेदारी बनाए रखने की बात कही थी.

यूनियन ने लिखित और कानूनी रूप से बाध्यकारी आश्वासन भी मांगे हैं जिसमें कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों, कल्याणकारी उपायों, पेंशन लाभों और आरक्षण नीतियों की सुरक्षा शामिल हैं.

कर्मचारियों का क्या होगा?

अगर बैंक की बिक्री आगे बढ़ती है, तो यूनियन ने मौजूदा कर्मचारियों और अधिकारियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्थानांतरित होने का विकल्प देने की मांग की है. इसके तहत उनकी सेवा अवधि, वेतनमान, वरिष्ठता, वेतन और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ सुरक्षित रखे जाने चाहिए. यूनियन ने आईडीबीआई बैंक में कार्यरत आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को भी समायोजित करने की मांग की है.

यूनियन ने प्रस्तावित बिक्री का विरोध करते हुए कहा कि इससे बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार होने के बावजूद उसका सार्वजनिक क्षेत्र का स्वरूप प्रभावित होगा.

यूनियन ने निजीकरण के जमाकर्ताओं, किसानों, छोटे कर्जदारों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई है. साथ ही कहा कि बैंक ने औद्योगिक विकास में सहयोग दिया है और वित्तीय समावेशन तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं सहित सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है.

क्या है यूनियन बैंक की अपील?

यूनियन ने बैंक कर्मचारियों, ट्रेड यूनियनों, ग्राहकों, जमाकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों से अपने आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है. उसने कहा कि वह सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन चेतावनी दी कि यदि उसकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जा सकता है. इसमें लंबी अवधि की या अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शामिल है.

(IANS के इनपुट के साथ)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES