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NBCC Avenue Towers Residential Project: दिल्ली के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में से एक सरोजनी नगर में बन रहे NBCC के एवेन्यू टावर्स प्रोजेक्ट में 49 लग्जरी फ्लैटों की बोलियां रद्द होने का विवाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया है. सरकारी कंपनी पर आरोप है कि सबसे ऊंची बोली लगाने के वाले सफल घोषित खरीदारों की कुछ 'चुनिंदा बोलियां' रद्द कर दी गई है. सेलेक्टिव कैंसिलेशन का मामला अब हाईकोर्ट पहुंचा है. इस मामले में कोर्ट ने एनबीसीसी को नोटिस थमाया है.
नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ( NBCC ) ने इस प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट 'एवेन्यू टावर्स' में फ्लैट नीलामी में हेरफेर का आरोप लग रहा है. खरीदार आरोप लगा रहे हैं कि ऊंची बोली लगाने वाले सफल खरीदारों की बोलियां चुनिंदा तरीकों से रद्द किया गया है. दो बार नीलामी को कैंसिल किया गया, फिर 49 बोलियों को 'प्रशासनिक कारण' बताकर रद्द कर दिया गया. सबसे हैरानी की बात है कि जिन फ्लैट्स की बोलियां अब रद्द कर दी गई हैं, उन फ्लैटों के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाले सफल खरीदारों के नाम भी घोषित किए जा चुके थे.

जुलाई में पहली बार 262 रेजिडेंशियल यूनिट्स को सेल के लिए ओपन किया गया. जिसमें सुपर बिल्ट-अप एरिया का रिजर्व प्राइस 37,161 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया. नीलामी में एक पार्टी की ओर से सभी 262 यूनिट्स के लिए बोली लगाई गई. दूसरी पार्टी ने 70 से 80 फ्लैटों के लिए बोली लगाई. बहुत कम ऐसे आवेदक थे, जिन्होंने एक से ज्यादा फ्लैटों के लिए बोली लगाई थी.
19 अगस्त को होने वाली नीलामी प्रोसेस को NBCC ने अचानक से रद्द कर दिया. प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए पूरी नीलामी प्रक्रिया को ही कैंसिल कर दिया गया.
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— Zee News (@ZeeNews) November 7, 2026
3 अक्टूबर 2026 को फिर से NBCC ने 262 यूनिट्स के लिए बिडिंग आमंत्रित की. अचानक एक बार फिर से प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर 17 फ्लैटों की नीलामी रद्द कर दी.
28 अक्टूबर को NBCC ने फिर से सबसे ऊंची बोली लगाने वाले सफल खरीदारों की बोलियों को रद्द कर दिया.
बायर्स के सवाल, कोर्ट की फटकार
बायर्स के आरोप हैं कि सरकारी कंपनी मनमाने तरीके से बोली रद्द कर रही है. NBCC के चयनात्मक और मनमाना फैसले की वजह से PSU का फैसला पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाता है.
बायर्स के सवाल: जब नीलामी हुई, बोली लगाई गई, बोली में जीत हासिल करने के बाद सफर खरीदारों के नाम की लिस्ट भी जारी कर दी गई, तो फिर अचानक से बोली को रद्द करने का आधार क्या था? बोलियां 'चुनिंदा तरीके' से रद् क्यों की जा रही हैं?
सवाल: बार-बार नीलामी को रद्द क्यों किया गया ?
सवाल: जब बोली तय रिजर्व प्राइस से ऊपर थी, तो नीलामी रद्द कैसे की जा सकती है ?
सवाल: नीलामी रद्द करने का कोई उचित कारण क्यों नहीं बताया जा रहा है ?
बोली रद्द होने के बाद दो-तीन खरीदारों ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. सबसे बड़ी बात है कि कोर्ट ने NBCC से जवाब तलब किया है. बायर्स की शिकायत सुनने के बाद सरकारी कंपनी एनबीसीसी को नोटिस जारी किया है और दो हफ्ते में इस पूरे मामले पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी.
दिल्ली के प्राइम लोकेशन और प्रीमियम कैटेगरी में बन रहे इस प्रोजेक्ट में हर फ्लैट की कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक की है.8 टावर्स वाले सभी अपार्टमेंट 4-BHK के हैं. कारपेट एरिया 2,518 से 2,598 वर्ग फुट के बीच है. तीन कवर्ड कार पार्किग के साथ 50,000 वर्ग फुट का क्लब हाउस बनाया गया है. 8.89 एकड़ में बन रहे इस रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में 9 बिल्डिंग और 262 यूनिट्स हैं. 10 मंजिला इमारत में तमाम लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं .