GST 2.0 में बड़े बदलाव, टैक्स अफसरों की गिरफ्तारी पावर खत्म, केस चलाने की सीमा ₹5 करोड़
जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में कई बड़े फैसले हुए. 12 प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है. गिरफ्तारी से लेकर रिफंड पर कई बड़े फैसले लिए गए हैं.
GST Council meeting 2026 : जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में कई बड़े फैसले हुए. 12 प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है. गिरफ्तारी से लेकर रिफंड पर कई बड़े फैसले लिए गए हैं.
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में टैक्स स्लैब में बदलाव से लेकर गिरफ्तारी, रजिस्ट्रेशन, रिफंड को लेकर कई बदलाव किए गए. कंप्लायंस को आसान बनाने की दिशा में काम करने का आश्वासन दिया गया.
GST अधिकारी नहीं कर पाएंगे गिरफ्तारी
GST काउंसिल की मीटिंग में बड़ा फैसला लिया गया है, जहां टैक्स अफसरों की गिरफ्तारी की शक्ति को खत्म कर दिया गया है. वहीं प्रॉसिक्यूशन की सीमा 1 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है. मतलब जीएससी अफसर अब गिरफ्तारी नहीं कर पाएंगे, साथ ही साथ 5 करोड़ रुपये से कम के मामलों में केस नहीं चलेगा. इतना ही नहीं न्यूनतम पेनाल्टी हटाने और जनरल पेनाल्टी 25,000 से घटकर 10,000 रुपये करने का फैसला किया गया है.
10000 रुपये से कम वाले मामलों पर नोटिस नहीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने काउंसिल की मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जीएसटी काउंसिल ने नोटिस और कार्रवाई के लिए के लिए एक समान स्टैंडर्स तय करने की सिफारिश की है. GST काउंसिल ने तय किया है कि अब 10,000 रुपये या उससे कम की रकम से जुड़े मामलों में GST नोटिस नहीं जारी होंगे. इतना ही नहीं इस तरह के मामले में पहले से जारी नोटिस वापस होंगे.
GST काउंसिल के बड़े फैसले
- GST रजिस्ट्रेशन आसान बनाने से लेकर रिटर्न में सुधार की तैयारी
- जीएसटी काउंसिल की मीटिंग रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने पर जोर दिया गया
- लो-रिस्क कारोबारियों को 3 दिन में ऑटो-अप्रूवल की सुविधा देने का फैसला किया गया.
- रिटर्न में छोटी गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी की गई,
- Invoice Management System के जरिए ITC का सेटलमेंट किया जाएगा.
- तेज रिफंड के लिए 10 दिन में एकनॉलेजमेंट होगी, जो पहले 15 दिन था.
- छोटे विवादों में राहत देते हुए 10,000 से कम टैक्स पर नोटिस नहीं देने का फैसला किया गया.
- सही इनवॉइस, माल की वास्तविक प्राप्ति और सप्लायर को पूरा भुगतान करने वाले ईमानदार बायर के ITC की सुरक्षा मिलेगी.
- ITC का दायरा बढ़ाकर इंश्योरेंस से टेलीकॉम टावर तक पहुंचाने का फैसला किया गया.
- डबल टैक्सेशन खत्म करने का फैसला लिया गया.
- कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल की समस्या कम करने के लिए इनपुट सर्विस पर चुकाए GST के रिफंड की सुविधा 1 नवंबर 2026 से लागू होगी.
- E-Way Bill जांच में बदलाव का फैसला किया गया.