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पेट्रोल पर आज से 2.5 रुपये विंडफॉल टैक्स, डीजल पर घटाया; क्या आपको सस्ता मिलेगा तेल?

सरकार ने देर रात जारी आदेश के अनुसार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' में बदलाव किया है. आज से पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' को बढ़ाकर ढाई रुपये लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे घटाया गया है.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 16, 2026, 07:23 AM IST | Updated: Oct 16, 2026, 07:42 AM IST
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Windfall Tax on Petrol-Diesel: केंद्र सरकार की तरफ से देर रात जारी आदेश के अनुसार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' (windfall gains tax) को रिवाइज किया गया है. नए आदेश के बाद सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 'विंडफॉल टैक्स' को बढ़ा दिया है और डीजल पर लगने वाली ड्यूटी घटा दी है. सरकारी आदेश के अनुसार आज से पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी 0.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. यानी पेट्रोल पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स एक ही झटके में 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है. इसके अलावा डीजल के निर्यात पर ड्यूटी को 16 रुपये प्रति लीटर से घटाकर साढ़े आठ रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इन बदलावों को आज सुबह (16 अक्टूबर) से लागू कर दिया गया है.

आपको बता दें सरकार की तरफ से पहली बार जुलाई 2022 में तेल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया गया था. बाद में इसे दो साल के बाद हटा दिया गया था. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल देखा गया. इसके बाद सरकार ने मार्च 2026 में इस टैक्स को फिर से प्रभावी कर दिया. अभी एक्सपोर्ट ड्यूटी की सरकार की तरफ से हर 15 दिन में समीक्षा की जाती है. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमत में होने वाले बदलाव के अनुसार इसमें सरकार फेरबदल करती है.

क्यों लगाया जाता है विंडफॉल टैक्स?

पिछले कुछ सालों के दौरान ब्रिटेन और अमेरिका जैसे विकसित देशों की तरफ से भी विंडफॉल टैक्स को लागू किया गया है. तेल पर लगने वाले इस टैक्स को सरकार की तरफ से उन हालात में जारी किया जाता है, जब ग्लोबल लेवल पर होने वाली घटनाओं, सप्लाई चेन में कमी होती है. अतिरिक्त टैक्स कलेक्शन से सरकार के खजाने में रेवेन्यू बढ़ता है. इसका उपयोग देश के आर्थिक घाटे को कम करने में भी किया जा सकता है.

विंडफॉल टैक्स से मिला पैसा कहां होता है यूज?

देश में एनर्जी क्राइसिस या महंगाई के कारण जब आम जनता पर बोझ बढ़ता है तो सरकार विंडफॉल टैक्स से मिले पैसे का उपयोग गरीब व मिडिल क्लास को राहत  या सब्सिडी देने के लिए भी करती है. इससे मिलने वाले रेवेन्यू को जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी खर्च किया जाता है. उदाहरण के लिए जब ग्लोबल लेवलपर तेल की कीमत ज्यादा होती हैं रिफाइनरियां घरेलू बाजार में सप्लाई करने के बजाय तेल को बाहर निर्यात करने लगती हैं. निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाने से कंपनियों को देश के अंदर तेल की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

क्या होता है 'विंडफॉल टैक्स'

विंडफॉल टैक्स का सीधा सा मतलब तेल कंपनियों को अचानक होने वाला प्रॉफिट. इसे आप आसान भाषा में इस तरह कह सकते हैं कि जब हवा चलने से पेड़ पर लटके हुए फल खुद गिरने लगते हैं तो आपको बगैर मेहनत किये ही ये फल आसानी से मिल हाते हैं. विंडफॉल टैक्स की भी कुछ ऐसी ही अवधारणा है. विंडफॉल टैक्स तेल कंपनियों की वो अतिरिक्त कमाई है जो उन्हें बाहरी कारणों से अचानक प्राप्त होती है. कंपनियों को होने वाली कस कमाई पर सरकार की तरफ से टैक्स लगाया जाता है.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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