Gold Price Crash Today: अमेरिका और ईरान में जारी तनाव के बीच क्रूड ऑयल के दाम में तेजी देखी जा रही है. इसका असर शेयर बाजार के साथ ही सोने और चांदी कीमत पर भी देखने को मिल रहा है. कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार (28 सितंबर 2026) को देश और दुनियाभर के बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही है. भारी बिकवाली के कारण सोना और चांदी दोनों ही सोमवार को धड़ाम हो गए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों के वायदा भाव भारी गिरावट के साथ लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं. आज के कारोबारी सत्र के दौरान सोना 3400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 7200 रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गई.
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत ने एक बार फिर से ग्लोबल लेवल पर महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इसके अलावा अमेरिकी फेड रिजर्व की तरफ से अक्टूबर में होने वाली मीटिंग में फिर से ब्याज दर बढ़ने की संभावना है. मीटिंग के दौरान ब्याज दर को फिर से बढ़ाए जाने की संभावना 68% के पार पहुंच गई है. इस कारण सोने-चांदी की चमक भी फीकी पड़ गई है और निवेशकों को बड़ा झटका लगा है.
एमसीएक्स (MCX) पर अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना वायदा 3,442 रुपये टूटकर 1,47,439 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इसके अलावा, दिसंबर 2026 में डिलीवरी वाली चांदी 7,217 रुपये प्रति किलो गिरकर 2,27,479 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है. इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड 1.5 फीसदी गिरकर 4,223.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि अमेरिकी सोना वायदा डेढ़ फीसदी गिरकर 4,257.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्पॉट सिल्वर 2.6% की गिरावट के साथ 62.64 डॉल्र प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है. आइए जानते हैं सोने चांदी में गिरावट का कारण-
सोने-चांदी के दाम में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आया उछाल और क्रूड ऑयल के दाम में तेजी है. सप्लाई की अनिश्चितता के बीच क्रूड ऑयल में 1% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई. इससे निवेशकों के बीच महंगाई का खतरा फिर से बढ़ गया है. जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष को सुलझाने का एकमात्र रास्ता कूटनीति है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट को खोले जाने और लड़ाई खत्म करने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज करने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी के कारण बाजार में यह धारणा मजबूत हो गई है कि यूएस फेड रिजर्व महंगाई पर काबू पाने के लिए एमपीसी (MPC) को और सख्त कर सकता है. पीएल कैपिटल के कमोडिटीज के हेड आशीष राजोदिया ने बताया कि अमेरिका का 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 5.13% पर पहुंच गया है, जो 2007 के बाद का हाई लेवल है. दूसरी तरफ 30 साल का यील्ड 5.44% पर है, जो 2004 के बाद का हायर लेवल है. सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार अक्टूबर में होने वाली मीटिंग में फेड की तरफ से ब्याज दर को .25% बढ़ाए जाने की संभावना 31.9% से बढ़कर 68.1% पर पहुंच गई है.
दोनों ही कीमती धातु सोने और चांदी के रेट में सोमवार को बड़ी गिरावट देखी गई. एमसीएक्स के बाद इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की तरफ से सोमवार सुबह जारी किये गए रेट में भारी गिरावट देखी गई. 24 कैरेट वाला सोना शुक्रवार को बंद हुए भाव के मुकाबले 3000 रुपये से भी ज्यादा टूटकर 1,48,048 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. 22 कैरेट वाला गोल्ड गिरकर 1,35,612 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. 18 कैरेट वाला गोल्ड टूटकर 111036 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. 999 प्योरिटी वाली चांदी की बात करें तो सोमवार को इसमें 6000 रुपये से भी ज्यादा की गिरावट आई और यह 2,23,192 रुपये प्रति किलो पर आ गई.
आशीष राजोदिया ने यह भी कहा कि एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड के लिए 1,48,000 रुपये और 1,46,000 रुपये का मजबूत सपोर्ट लेवल है. आने वाले समय में सोने की चाल क्या होगी? यह दो कारणों पर निर्भर करेगी. पहला काराण फेड की तरफ से अक्टूबर में ब्याज दर पर किया जाने वाला फैसला और दूसरा कारण अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज को लेकर शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं. यदि फेड की तरफ से कोई राहत दी जाती है या फिर दोनों देशों के बीच शांति वार्ता सफल होती है तो सोने में तेजी से रिकवरी देखने को मिल सकती है. इसके उलट सख्त रुख या वार्ता टूटने की सूरत में सोने के दाम निचले सपोर्ट लेवल तक गिर सकते हैं.

(डिस्क्लेमर: सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. अगर आप गोल्ड या सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो वित्तीय जानकारों की सलाह जरूर लें.)