Gold-Silver Price: सस्ता हुआ सोना-चांदी! 2 महीने के निचले स्तर पर कीमतें, खरीदारी को लेकर क्या बोले सुशील केडिया?
एक्सपर्ट सुशील केडिया के मुताबिक, सोना-चांदी में गिरावट के बाद तेजी लौट सकती है. लेकिन, नई खरीदारी के लिए वे चार्ट पर ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं.
केडियानॉमिक्स (KediaNomics) के फाउंडर और CEO सुशील केडिया का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त वापसी हो सकती है. वे इन कीमती धातुओं में खरीदारी के मौके की तलाश में हैं. बशर्ते चार्ट पर 'ब्रेकआउट' दिखे. जी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी के साथ बातचीत में केडिया ने सोने, चांदी की कीमतों और भारतीय शेयर बाजार पर अपनी राय रखी है. साथ ही, उन्होंने निवेश के मौकों के तौर पर कुछ चुनिंदा FMCG और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के शेयरों को भी चुना.
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
उन्होंने कहा कि सोने और चांदी की कीमतें गिरकर दो महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं. इससे ये सवाल उठ रहा है कि क्या ये खरीदारी का सही समय है? चांदी में भी जबरदस्त वापसी हो सकती है. केडिया ने MCX पर 2.5 लाख रुपये का संभावित टारगेट बताया है. हालांकि, केडिया ने कहा कि बाजार ही तय करेगा कि टेक्निकल तौर पर क्या करना है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम नई पोजीशन लेने के लिए ब्रेकआउट का इंतजार कर रही है.
उन्होंने कहा कि भले ही सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ग्राहकों के लिए गहने या चांदी की चीजें खरीदने पर विचार करने का मौका हो, लेकिन कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी जरूरतों और बजट का आकलन करना जरूरी होगा.
कच्चे तेल से तय होगी बाजार की भविष्य की दिशा
केडिया ने कहा कि भविष्य में निफ्टी और बैंक निफ्टी की दिशा तय करने में कच्चे तेल की अहम भूमिका होगी. उन्हें कच्चे तेल के चार्ट पर एक 'ट्रायंगल' बनता दिख रहा है. उन्होंने कहा कि अगर ट्रायंगल पैटर्न से ऊपर ब्रेकआउट होता है, तो कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है. इससे वे इंडेक्स पर 'बुलिश' रुख अपनाने में सावधानी बरतेंगे.
उन्होंने कहा कि निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए और जैसे-जैसे ट्रेंड साफ हो, स्टॉक्स में अपना निवेश बढ़ाना चाहिए।
FMCG स्टॉक्स लंबे समय के लिए अच्छे मौके दे सकते हैं?
केडिया ने कहा कि FMCG स्टॉक्स लंबे समय के लिए अच्छा दांव साबित हो सकते हैं. उन्होंने चार्ट पर कुछ ऐसे नाम देखे हैं जिनमें 'ब्रेकआउट' होने पर अच्छी तेजी आ सकती है. इस सेक्टर के बारे में उनकी पॉजिटिव राय कंज्यूमर खर्च में सुधार की संभावना पर आधारित है. उन्होंने कहा कि कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी से मजबूत ब्रांड और कस्टमर बेस वाली कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ कंज्यूमर्स पर डाल पाएंगी.
केडिया को पेंट सेक्टर में भी वैल्यू दिखी. इसमें एशियन पेंट्स और बर्जर पेंट्स पर नजर रखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि वैल्यूएशन के लिहाज से, पिछले कुछ सालों में इन स्टॉक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा है और इनके चार्ट में कंसोलिडेशन (स्थिरता) देखी गई है. उन्होंने कहा कि कमोडिटी और ब्याज दरों की स्थिति में सुधार इस सेक्टर के लिए पॉजिटिव होगा.
IT स्टॉक्स में मजबूती के संकेत
केडिया ने कहा कि IT स्टॉक्स भी मौका दे सकते हैं. उन्होंने इस सेक्टर में कुछ ऐसे नाम देखे हैं जो अपने निचले स्तर से वापस आए हैं और तेजी से सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि अगर बाजार स्थिर होता है, तो IT सेक्टर शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म, दोनों के लिए अच्छा मौका देगा. केडिया को मेटल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी वैल्यू दिखी. लेकिन, उन्होंने खरीदारी का मौका आने तक इंतज़ार करने की सलाह दी.
'निफ्टी 32,000 का स्तर पार कर सकता है'
केडिया ने कहा कि बाजार का तत्काल आउटलुक कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगा. लेकिन, निवेशकों को चल रहे आर्थिक चक्र को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि महंगाई, आर्थिक विकास और ब्याज दरों के आधार पर, निफ्टी इंडेक्स 'बेयर फेज' (गिरावट का दौर) देखने से पहले 32,000 का स्तर पार कर सकता है. उन्होंने कहा कि निवेशकों को लॉन्ग टर्म का नजरिया अपनाना चाहिए और अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए.